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आज़म ख़ान के बयान पर सियासी तूफ़ान, दी सफ़ाई

सपा नेता आज़म ख़ान के एक बयान से ख़ासा विवाद हो गया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में आज़म ने जया प्रदा का नाम लिए बिना उन पर टिप्पणी की है। हालाँकि चौतरफ़ा घिरने के बाद आज़म ख़ान ने कहा है कि उनकी बात को ग़लत तरीके़ से पेश किया गया है। आज़म ख़ान रामपुर से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और जया प्रदा भी यहाँ से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। 

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पहले आपको बताते हैं कि आज़म ख़ान ने क्या कहा। रविवार को रामपुर में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए आज़म ख़ान ने कहा, ‘क्या राजनीति इतनी गिर जाएगी कि 10 साल जिसने रामपुर वालों का खून पिया, जिसे उंगली पकड़कर हम रामपुर में लेकर आए, उसने हमारे ऊपर क्या-क्या इल्जाम नहीं लगाए। क्या आप उसे वोट देंगे?’ आजम ने आगे कहा, ‘आपने 10 साल जिनसे अपना प्रतिनिधित्व कराया, उसकी असलियत समझने में आपको 17 साल लगे। मैं 17 दिन में पहचान गया कि इनके नीचे का अंडरविअर खाकी रंग का है।’ इस बयान के सामने आने के बाद यह माना गया कि आज़म ख़ान ने यह बयान जयाप्रदा को लेकर दिया है। 

महिला आयोग ने आज़म ख़ान के इस बयान को काफ़ी गंभीरता से लिया है और उनसे इस पूरे मामले को लेकर आयोग को सफ़ाई देने को कहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि महिला आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा है। शर्मा ने कहा कि हम चुनाव आयोग से गुजारिश करेंगे कि आज़म के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए। आयोग की ओर से कहा गया है कि आज़म का बयान निंदनीय और महिलाओं की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाला है। 

बयान पर बवाल होने के बाद आज़म ख़ान ने कहा कि उन्होंने किसी का नाम लेकर कुछ नहीं कहा है और अगर वह दोषी साबित होते हैं तो चुनाव से हाथ पीछे कर लेंगे।
आज़म के बयान के बाद जया प्रदा ने कहा, ‘2009 में लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान भी मुझ पर इस तरह की टिप्पणियाँ की गई थीं। इस बयान के बाद आज़म को चुनाव नहीं लड़ने देना चाहिए। क्योंकि इस तरह के लोग अगर चुनाव जीतते हैं तो हमारे लोकतंत्र का क्या होगा। महिलाएँ कहाँ जाएँगी।’ जया प्रदा ने आगे कहा, ‘क्या मुझे आत्महत्या कर लेनी चाहिए, तब आज़म को संतुष्टि मिलेगी। वह सोचते हैं कि मैं डरकर रामपुर छोड़ दूँगी लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।’
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आज़म का बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तीख़ी प्रतिक्रिया दी। 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसे लेकर ख़ासी नाराज़गी जताई है। सुषमा ने ट्वीट किया, ‘मुलायम भाई- आप पितामह हैं समाजवादी पार्टी के। आपके सामने रामपुर में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा है। आप भीष्म की तरह मौन साधने की गलती मत करिए।' सुषमा ने ट्वीट में अखिलेश यादव, जया भादुरी और डिंपल यादव को भी टैग किया है।

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