Satya Hindi News Bulletin। सत्य हिंदी बुलेटिन। स्वामी : कांग्रेस सरकार में अर्थव्यवस्था थी ख़राब, अब और ख़राब कर दी। रामदेव के बयानों का विरोध, काला दिन मना रहे एलोपैथिक डॉक्टर्स। देखिए दोपहर तक की ख़बरें-
Satya Hindi News bulletin। सत्य हिंदी समाचार बुलेटिन। 40 साल का न्यूनतम विकास दर दर्ज, शून्य से 7.3% नीचे। स्टडी में दावा : चीन के वुहान लैब में बनाया गया कोरोना वायरस
भारतीय अर्थव्यवस्था वित्तीय वर्ष 2020-2021 में शून्य से 7.3 प्रतिशत नीचे चली गई, यानी इसकी विकास दर -7.3 दर्ज की गई है। यह पिछले 40 साल की न्यूनतम आर्थिक विकास दर है।
जीडीपी यानी सकल घरेलू विकास दर पर माथापच्ची जारी है। रिज़र्व बैंक ने आज ही कहा है कि आर्थिक विकास दर यानी जीडीपी विकास दर 10.5 फ़ीसदी रहेगी। आईएमएफ़ ने भी कहा है कि यह दर 12.5 फ़ीसदी रहेगी। पर कैसे संभव?
बजट पेश किए जाने के बाद पहली बार भारत के रिज़र्व बैंक ने सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर का अनुमान व्यक्त किया है। इसने कहा है कि 2021-22 में जीडीपी 10.5 फ़ीसदी रहने का अनुमान है।
मशहूर ब्रिटिश पत्रिका ‘द इकाॅनमिस्ट’ में पिछले हफ़्ते आवरण कथा थी- ‘विल इन्फ्लेशन रिटर्न?’, यानी क्या मुद्रास्फीति लौटेगी? अर्थशास्त्रियों की यह सबसे बड़ी चिंता है कि मुद्रास्फीति यानी महंगाई का असर वहाँ के बाजारों से ग़ायब हो चुका है।
Satya Hindi news Bulletin। सत्य हिंदी न्यूज़ समाचार बुलेटिन।आर्थिक मंदी पर मोहर लगी, जीडीपी में 7.5% की गिरावट।आखिरकार किसानों को दिल्ली के अंदर आने की मिली इजाजत
GDP के आँकड़े आ गये है । लगातार दूसरी तिमाही विकास नकारात्मक है । मंदी पक्की । क्या मोदी संभाल पायेंगे अर्थव्यवस्था ? आशुतोष के साथ चर्चा में आलोक जोशी, हरजिंदर और मधुरेंद्र सिन्हा !
भारत की जीडीपी में इस तिमाही साढ़े सात परसेंट की गिरावट दर्ज की गई है। भारत सरकार ने जुलाई से सितंबर की तिमाही का जीडीपी का आँकड़ा जारी किया है। इसके साथ ही यह पुष्ट हो गया कि भारत आर्थिक मंदी की चपेट में है।
आरबीआई का अनुमान है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी में 8.6 फ़ीसदी की सिकुड़न आएगी। अब तकनीकी तौर पर भी कहा जा सकता है कि भारत में आर्थिक मंदी आ गई है।
Satya Hindi News Bulletin। सत्य हिंदी समाचार बुलेटिन।RBI: भारत की जीडीपी वृद्धि दर -9.5 फ़ीसदी रहने के आसार।भीमा कोरेगाँव केस : एक्टिविस्ट स्टैन स्वामी को NIA ने किया गिरफ़्तार
रिज़र्व बैंक यानी आरबीआई ने भारत की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर -9.5 फ़ीसदी रहने का अनुमान लगाया है। यानी सीधे तौर पर कहें तो भारत की अर्थव्यवस्था इतनी सिकुड़ेगी।
अंतरराष्ट्रीय रेटिेंग एजेन्सी फ़िच रेटिंग्स ने पहले कहा था कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान भारत की जीडीपी शून्य से 5 प्रतिशत नीचे चली जाएगी, अब इसका कहना है कि यह शून्य से 10.5 प्रतिशत नीचे जाएगी।
रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने लिंकडिन पर एक पोस्ट लिखी है । उनका कहना है कि मोदी सरकार को फ़ौरन भयाक्रांत होकर काम शुरू कर देना चाहिये नहीं तो अर्थव्यवस्था बरबाद हो जायेगी।