तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के नई पार्टी बनाने की अटकलें तेज हो गई हैं। ये चर्चाएं बेवजह नहीं हैं। कोयंबटूर में अन्नामलाई के चेहरे वाले पोस्टर लगे हैं, जिनमें लिखा है - 'फियरलेस माइंड्स गेव नो लिमिट्स'। उनका फैन संगठन ‘अन्नामलाई अन्बु कूट्टम’ नए सदस्य और पदाधिकारी बनाने में लगा है। अन्नामलाई बीजेपी की दो अहम राज्य समितियों की बैठकों में अनुपस्थित रहे, जबकि बैठक कोयंबटूर में ही हो रही थी। केंद्र की तीन-भाषा नीति पर अन्नामलाई का सार्वजनिक विरोध रहा है। AIADMK से तनाव और राज्य अध्यक्ष पद से हटाया जाना भी अटकलों को हवा दे रहा है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी 'एक और नई पार्टी' का ट्वीट कर अटकलें बढ़ा दी हैं। और इन अटकलों के साथ ही यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि यदि नई पार्टी बनी तो क्या यह तमिलनाडु में बीजेपी की ‘बी’ टीम तो नहीं साबित होगी?

अन्नामलाई को लेकर यह ताज़ा चर्चा तब और बढ़ गई जब कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने एक ट्वीट कर दिया और इन अटकलों को और हवा दे दी है। इस ट्वीट में उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु में एक और पॉलिटिकल पार्टी बनने वाली है, मंथन तेज़ हो गया है। (MS- प्रपोज़्ड नाम के पीछे एक दिलचस्प लॉजिक है)।'
अन्नामलाई ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शहर में जगह-जगह उनके फोटो वाले पोस्टर्स लग गए हैं, जिनमें लिखा है - 'Fearless minds gave no limits'। इन पोस्टर्स ने यह चर्चा शुरू कर दी है कि क्या अन्नामलाई बीजेपी छोड़कर नई राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं? यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब बीजेपी का राज्य केंद्रीय समिति की बैठक कोयंबटूर में चल रही है, लेकिन अन्नामलाई इस समय विदेश में हैं। उन्होंने हाल में दो अहम बैठकें भी मिस कर दी हैं, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं।

अन्नामलाई का फैन संगठन सक्रिय

अन्नामलाई का फैन संगठन आजकल बेहद सक्रिय है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार अन्नामलाई के समर्थक बता रहे हैं कि उनका फैन वेलफेयर संगठन 'अन्नामलाई अंबु कूट्टम' नए सदस्यों और पदाधिकारियों को जोड़ रहा है। इस संगठन की गतिविधियां भी तेज हुई हैं, जो नई पार्टी की तैयारी के संकेत दे रही हैं।
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भाषा नीति पर केंद्र से मतभेद

अन्नामलाई और केंद्र सरकार के बीच तीन भाषा नीति को लेकर बड़ा मतभेद सामने आया है। पिछले हफ्ते अन्नामलाई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से मांग की थी कि क्लास 9 से तीन भाषाएं अनिवार्य करने वाला नया नोटिफिकेशन वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि पहले यह नियम 2029-30 से लागू करने का फ़ैसला था, लेकिन अब जुलाई 2026 से लागू करने का फ़ैसला कर दिया गया है। अन्नामलाई ने एक्स पर लिखा, 'कई माता-पिता, खासकर तमिलनाडु के, इस फ़ैसले से सदमे में हैं। क्लास 6 में बच्चों ने पहले ही भाषा चुन ली है। इतने कम समय में नई भाषा सीखना बच्चों पर दबाव बढ़ाएगा।' उन्होंने कहा था कि तीन भाषा नीति का स्वागत तो उन्होंने किया था, लेकिन समय सीमा अचानक बदलने का विरोध किया।

AIADMK से भी रिश्ते खराब

अन्नामलाई के AIADMK के साथ रिश्ते पहले से खराब चल रहे थे। विधानसभा चुनाव से पहले उनकी टिप्पणियों और रणनीति को लेकर मतभेद हुआ था। उनकी सीएन अन्नादुरै और जे. जयललिता पर विवादित टिप्पणियों ने भी गठबंधन को नुकसान पहुंचाया था। कहा जाता है कि AIADMK के दबाव में ही उन्हें तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष पद से हटाया गया था।

दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष से मुलाकात तय

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अन्नामलाई जल्द ही दिल्ली में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात से भी सियासी हलकों में चर्चा तेज है।

अभी यह साफ़ नहीं है कि पोस्टर्स और 'अन्नामलाई अंबु कूट्टम' की गतिविधियां नई पार्टी शुरू करने का संकेत हैं या सिर्फ समर्थकों का जोश है। अन्नामलाई ने अभी तक इस पर चुप्पी साध रखी है। लेकिन तमिलनाडु की राजनीति में इस समय काफी उथल-पुथल चल रही है।

यदि अलग हुए तो क्या बीजेपी से नज़दीकी घटेगी?

तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के नई पार्टी बनाने की अटकलों के साथ ही यह भी अटकलें लगने लगी हैं कि यदि वह पार्टी से अलग होकर अपनी पार्टी बनाते भी हैं तो क्या उनकी बीजेपी नेताओं से नज़दीकी घटेगी? यदि नई पार्टी बनी तो क्या यह तमिलनाडु में बीजेपी की ‘बी’ टीम तो नहीं साबित होगी? बीजेपी की बी टीम होने का जैसा आरोप ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और बंगाल में हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी पर लगता रहा है वैसी हालत तो नहीं होगी?

ओवैसी की एआईएमआईएम पर ‘B टीम’ का आरोप इसलिए लगता है क्योंकि वह मुस्लिम वोटों को कांग्रेस और अन्य विपक्षी इंडिया गठबंधन से काटकर बीजेपी को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाते हैं। हुमायूं कबीर की एजेयूपी बंगाल में टीएमसी से निकलकर एआईएमआईएम के साथ आई, मुस्लिम वोट बैंक पर फोकस किया। टीएमसी ने इसे बीजेपी का वोट स्प्लिटर बताया।
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वैसे, अन्नामलाई हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और तमिल पहचान का आक्रामक प्रचार करते हैं। अगर नई पार्टी बनी तो वे बीजेपी के वोट बैंक हिंदू-नॉन-द्रविड़ वोट को प्रभावित करेंगे। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि घोर हिंदू राष्ट्रवाद की राजनीति की वजह से बीजेपी को तमिलनाडु में अपना पैर जमाने में मुश्किल हो रही है। ऐसे में क्या अन्नामलाई द्रविड़ वोटों को साधते हुए हिंदुत्व की राजनीति पर चल सकते हैं। वैसे, बीजेपी पर विपक्षी आरोप लगाते रहे हैं कि वह राज्यों में अपनी पैठ बनाने के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाती रही है।

बहरहाल, अन्नामलाई की दिल्ली यात्रा और बीजेपी अध्यक्ष से मुलाकात के बाद उनकी आगे की योजना साफ होने की संभावना है।