तेलंगाना में कांग्रेस की हालत ख़राब है। एक के बाद एक कांग्रेस के विधायक सत्ताधारी टीआरएस में शामिल होते जा रहे हैं। कांग्रेस के 19 विधायकों में से 9 ने एलान कर दिया है कि वे अब टीआरएस के साथ हैं।
इससे अब कांग्रेस के हाथ से ‘विपक्ष के नेता’ का दर्जा निकल जाएगा। 119 सीटों वाली तेलंगाना विधानसभा में ‘विपक्ष का नेता’ बनने के लिए कम-से-कम 12 विधायकों का होना ज़रूरी है। तेलंगाना विधान परिषद में पहले ही कांग्रेस विपक्ष के नेता का दर्जा खो चुकी है।
कांग्रेस के बचे 10 विधायकों में से 5 और भी टीआरएस में जा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तब 14 कांग्रेसी विधायकों पर दल-बदल क़ानून भी लागू नहीं होगा। और, विपक्ष की संख्या सिर्फ़ 7 पर सिमट कर रह जाएगी।