loader

'आप' ने अयोध्या में निकाली तिरंगा रैली, कहा, राम के आदर्शों पर चलेगी सरकार

ऐसा लगता है कि आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश बीजेपी को उसके गढ़ में घुस कर उसकी नीतियों पर चलते हुए ही उसे चुनौती देने की रणनीति बनाई है।

आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को अयोध्या-फ़ैज़ाबाद में तिरंगा रैली निकाली और ठीक उस जगह तक गए जहाँ प्रस्तावित राम मंदिर बन रहा है। इतना ही नहीं, पार्टी के नेताओं ने अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर जाकर वहाँ के पुजारियों से मुलाक़ात की और उनका आशीर्वाद लिया।

तिरंगा रैली की अगुआई दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह ने की। इस रैली में भारी भीड़ उमड़ी।

ख़ास ख़बरें

आम आदमी पार्टी ने इस तिरंगा रैली का आयोजन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के कुछ महीने पहले किया है। समझा जाता है कि उसने ऐसा कर एक तरह से चुनाव में अपनी गंभीर मौजूदगी का संकेत दे दिया है।

सिसोदिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा,

हमें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाने और वहाँ के संतों से आशीर्वाद लेने का मौका मिले, उन संतों ने हमारी जीत की कामना की। हमने प्रार्थना की कि आम आदमी पार्टी को इतनी सीटें मिल जाएँ कि वह उत्तर प्रदेश में सरकार बनाए।


मनीष सिसोदिया, उप मुख्यमंत्री, दिल्ली

ये दोनों नेता निर्माणाधीन राम मंदिर और हनुमान गढ़ी समेत अयोध्या में कई मंदिर गए। 

सिसोदिया ने कहा,

हम ऐसी सरकार बनाएंगे जो भगवान राम के आदर्शों पर चलेगी। हमने श्री रामचंद्र जी का आशीर्वाद लिया है, हम तिरंगा उठाएंगे और असली राष्ट्रवाद स्थापित करेंगे।


मनीष सिसोदिया, उप मुख्यमंत्री, दिल्ली

याद दिला दें कि कांग्रेस नेता हरीश रावत ने पहले आम आदमी पार्टी पर तंज करते हुए कहा था कि वह बीजेपी की बी टीम है।

सिसोदिया ने इसका खंडन करते हुए कहा कि अयोध्या और भगवान राम देश की भावना से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी राम के असली आदर्शों पर चलेगी। 

आम आदमी पार्टी यानी 'आप' उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में मैदान में उतरेगी और यह उसका पहला यूपी विधानसभा चुनाव होगा। इसके पहले पार्टी ने यहां से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।'आप' ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे बड़ा नुक़सान हुआ था।

अरविंद केजरीवाल ने वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। इसी तरह कुमार विश्वास को राहुल गांधी ने अमेठी में हराया था। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें