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यूपी में धड़ाधड़ एफ़आईआर, नोएडा में 20 से ज़्यादा कांग्रेसी नेताओं पर मुक़दमा

उत्तर प्रदेश पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के ख़िलाफ़ धड़ाधड़ एफ़आईआर दर्ज करनी शुरू कर दी हैं। बुधवार को नोएडा में 20 से ज़्यादा कांग्रेसी नेताओं पर मुक़दमा दर्ज किया गया है। इन नेताओं पर आरोप है कि इन्होंने मजदूरों के लिए बसें इकट्ठा करते हुए लॉकडाउन को तोड़ा है। इससे पहले यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह के ख़िलाफ़ मंगलवार शाम को लखनऊ में एफ़आईआर दर्ज की गई थी।

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घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों के लिए बसें चलाए जाने का मुद्दा उत्तर प्रदेश में बेहद गरमा गया है। इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और योगी आदित्यनाथ सरकार आमने-सामने हैं। मंगलवार को दिन भर चले तगड़े सियासी ड्रामे के दौरान प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर हमला बोला था। 

प्रियंका से मिल रही चुनौती

प्रियंका ने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हद कर दी है। प्रियंका ने कहा था, ‘योगी जी, इन बसों पर आप चाहें तो बीजेपी का बैनर लगा दीजिए, अपने पोस्टर बेशक लगा दीजिए लेकिन हमारे सेवा भाव को मत ठुकराइए क्योंकि इस राजनीतिक खिलवाड़ में तीन दिन बीत चुके हैं और इन्हीं तीन दिनों में हमारे देशवासी सड़कों पर चलते हुए दम तोड़ रहे हैं।’

ग़ौरतलब है कि प्रियंका गांधी ने बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संकट में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने व ले जाने के लिए अपनी ओर से 1000 बसें देने की पेशकश की थी। लेकिन योगी सरकार 2 दिन तक इस मामले में चुप्पी साधे बैठी रही थी। 

योगी सरकार ने सोमवार (18 मई) को प्रियंका की ओर से भेजे गए पत्र का संज्ञान लिया और प्रस्ताव को स्वीकारते हुए बसों की सूची मांगी। सोमवार देर शाम को कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर बसों की सूची प्रदेश सरकार को सौंप दी।

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इस मामले में विवाद तब खड़ा हुआ जब गृह विभाग के सचिव अवनीश अवस्थी ने सोमवार रात को प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह को ई-मेल कर बसों को लखनऊ लाकर ड्राइविंग लाइसेंस व फिटनेस सर्टिफिकेट दिखाने को कहा। इस पर कांग्रेस ने कहा कि मजदूर यूपी की सीमाओं पर फंसे हैं और सरकार खाली बसों को लखनऊ बुला रही है। उन्होंने कहा कि मजदूर संकट में फंसे हुए हैं और प्रदेश सरकार राजनीति से बाज़ नहीं आ रही है।

छीछालेदार होने पर योगी सरकार के गृह विभाग की ओर से मंगलवार सुबह एक और पत्र भेजकर कहा गया कि योगी सरकार इन बसों को ग़ाज़ियाबाद और नोएडा में लेने के लिए तैयार है। इस पर कांग्रेस ने शाम 5 बजे तक का वक़्त मांगा  लेकिन अब प्रियंका गांधी के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि बसों को आगरा के अंदर ही नहीं आने दिया जा रहा है। 

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