विस्तार है अपार प्रजा दोनों पारकरे हाहाकार निःशब्द सदाओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यों!!
क्या प्रियंका गाँधी गंगा की लहरों से उत्तर प्रदेश या देश की राजनीति की गहराई नापना चाहती हैं? या गंगा के माध्यम से ‘गंगापुत्र’ बताकर गत लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में विराट जीत हासिल करने वाले नरेंद्र मोदी के गंगा प्यार की असलियत को उजागर करने वाली हैं।