ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने नार्को एनालिसिस टेस्ट की पेशकश की है। उनके ऊपर यौन उत्पीड़न की एफआईआर दर्ज की गई है। इस बीच एक विस्फोटक वीडियो भी आया है। हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने खिलाफ दर्ज पोक्सो एक्ट (बच्चों का यौन शोषण विरोधी अधिनियम) और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत यौन उत्पीड़न के मामले को पूरी तरह झूठा और बदनामी की साजिश करार दिया है। उन्होंने शुक्रवार को वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे सत्य की जांच के लिए नार्को एनालिसिस टेस्ट (नार्को टेस्ट) कराने के लिए तैयार हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "यदि नार्को टेस्ट से सत्य का पता चल सकता है, तो इसे अवश्य किया जाना चाहिए। सत्य को उजागर करने के लिए जो भी उपलब्ध तरीके हैं, उन्हें अपनाया जाना चाहिए।" उन्होंने दावा किया कि यह मामला मनगढ़ंत है और इसमें उनकी या उनके गुरुकुल का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, "जिन बच्चों का कभी हमारे यहां आना-जाना नहीं था, उन्हें हमारे नाम से कैसे जोड़ा जा सकता है? झूठ ज्यादा दिन नहीं टिकता। जो लोग यह फर्जी कहानी गढ़ रहे हैं, वे खुद उजागर हो रहे हैं।"
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शिकायतकर्ता पर आरोप लगाया कि बच्चे उनके साथ नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता के पास रह रहे थे और उन्हें बाल गृह में क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने पुलिस पर भी पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि यह मामला उन्हें बदनाम करने तथा "एपस्टीन फाइल्स" जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "इस पद की गरिमा की रक्षा के लिए अग्रिम जमानत मांगी गई है। सत्य अंततः सामने आ ही जाएगा, चाहे कितनी भी जटिल साजिश क्यों न रची जाए।"
विस्फोटक वीडियो सामने आया
पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के यूट्यूब चैनल टॉप सीक्रेट पर एक शख्स ने सामने आकर बड़ा खुलासा किया है। अजय कुमार भटेले नामक शख्स ने इस चैनल पर आकर आशुतोष पांडेय उर्फ आशुतोष ब्रह्मचारी पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। दरअसल, आशुतोष ब्रह्मचारी जो खुद आरोपों में घिरा है, उसने दो बच्चों की तरफ से पुलिस में शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी।
पत्रकार अभिषेक के चैनल पर सामने आए अजय कुमार भटेले शंकराचार्य के विद्या मठ के शिष्य रहे हैं। उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनसे संपर्क साधा और कहा कि शंकराचार्य को फंसाना है। भटेले उस वीडियो में कहते सुने जा सकते हैं कि "तुम्हें उन दो लड़कों को पहचानना है, और शंकराचार्य को फंसाना है।" भटेले के पास आशुतोष ब्रह्मचारी की कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप चैट होने का दावा किया गया है।
भटेले ने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को बताया कि "आशुतोष ब्रह्मचारी ने मुझसे कहा कि आपको बस दो शब्द बोलने हैं कि ये दोनो बच्चे शंकराचार्य के विद्या मठ के ही हैं। मेरे मोबाइल पर दोनो बच्चों के वीडियो भेजे, कई कॉल किए, चैट्स कीं। मेरे फोन में सारे सबूत। 23-24 जनवरी से लेकर 23 फरवरी तक लगातार कई फोन किए। मुझे धमकाया भी। पुलिस जब चाहे, मेरा फोन ले जा सकती है। वो जैसे भी चाहती है, फोन की जांच कर ले। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। मैने प्रयागराज पुलिस कमिश्नर से शिकायत भी कर दी है।"
बता दें कि प्रयागराज के एक विशेष पोक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी पुलिस थाने में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके कुछ शिष्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी (पांडे) ने आरोप लगाया था कि गुरुकुल और धार्मिक आयोजनों (जैसे माघ मेला) में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण किया गया। हालांकि शंकराचार्य ने इन रिपोर्टों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई दिनों बाद की गई जांच से उनकी संलिप्तता कैसे साबित हो सकती है।
आरोप है कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से तनातनी के चलते शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। यूपी सरकार के अंदर भी कई मंत्री और नेता इस एफआईआर से सहमत नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा के अंदर शंकराचार्य के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग शंकराचार्य बने घूम रहे हैं, जबकि वे शंकराचार्य नहीं हैं।