loader

बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक पर समर्थकों संग घर में घुसकर तहसीलदार को पीटने का आरोप

बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक पर कन्नौज (सदर) के तहसीलदार ने समर्थकों सहित घर में घुसने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। तहसीलदार अरविंद कुमार ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सांसद उन पर उनके मनमुताबिक़ राशन वितरण करने के लिये दबाव बना रहे थे। 

मारपीट की घटना के बाद तहसीलदार ने पत्रकारों को बताया, ‘मेरे मोबाइल नंबर पर सांसद का फ़ोन आया, उन्होंने कहा कि मैंने परसों एक सूची भेजी थी, उस पर राशन का वितरण नहीं हुआ है। मैंने उन्हें बताया कि वह सूची मैंने नायब साहब को दी थी, नायब साहब चिन्हित करके सभी लोगों को राशन उपलब्ध करा रहे हैं। इस पर सांसद ने कहा कि किसी व्यक्ति को राशन नहीं दिया गया है।’

ताज़ा ख़बरें

तहसीलदार ने कहा, ‘मैंने सांसद को बताया कि नायब साहब ने सूची के हिसाब से राशन वितरित किया है और मैं आपको 10 मिनट में बताता हूं कि कितने लाभार्थियों को राशन वितरित किया है, जो बचेंगे उन्हें भी वितरित कर दिया जायेगा।’ 

तहसीलदार ने कहा कि इसके बाद सांसद मुझे मां-बहन की गालियां देने लगे और जब मैंने इसका विरोध किया तो बोले कि तुम कहां बैठो हो, मैं वहीं आ रहा हूं। तहसीलदार ने इसके बारे में डीएम, एसडीएम को बताया कि सांसद तहसील में आ रहे हैं। 

Tehsildar Arvind Kumar alleged that MP Subrat Pathak beat him - Satya Hindi
पीड़ित तहसीलदार।

30-35 लोग घुसे घर में

तहसीलदार ने बताया, ‘एसडीएम ने कहा कि आप अपने आवास पर चले जाइये। सांसद के साथ आये 30-35 लोग मेरे घर का गेट खोलकर अंदर घुस गये और दरवाजा पीटने लगे। इस पर मेरी बच्ची और पत्नी रोने लगी। मैं डर गया कि कहीं वे मेरी पत्नी के साथ अभद्रता न करें, इसलिए मैं बाहर आ गया। सांसद ने कहा कि तुमने मेरी सूची के हिसाब से राशन का वितरण क्यों नहीं किया।’ 
उत्तर प्रदेश से और ख़बरें

तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि सांसद के समर्थकों ने उनके साथ आवास पर ही जमकर मारपीट की। हालांकि बीजेपी सांसद ने कहा है कि तहसीलदार ग़रीबों को दिये जाने वाले राशन को सही ढंग से नहीं बांट रहे थे और उन्होंने उनके समर्थकों के साथ बदतमीजी भी की। पाठक ने कहा, ‘मुझे ग़रीब लोगों से राशन के वितरण को लेकर लगातार शिकायत मिल रही थी और जब मैंने इस बारे में तहसीलदार से बात की तो वह अभद्रता से पेश आये।’ 

मारपीट के बाद तहसीलदार ने जिला अस्पताल में अपना चिकित्सा परीक्षण कराया। तहसीलदार के हाथ, कंधों और चेहरे पर चोट लगी है और खून भी निकला है। आला अधिकारियों ने कहा है कि वे इस मामले में कार्रवाई करेंगे। 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें