loader

कोटा में फँसे छात्रों को निकालने के लिए यूपी सरकार भेजेगी 300 बसें

उत्तर प्रदेश सरकार राजस्थान के कोटा में फँसे अपने छात्रों को वापस लाने के लिए 300 बसें भेजेंगी। इनमें से आगरा से 200 और झाँसी से 100 बसें भेजी जाएंगी। इनमें कुछ बसें कोटा पहुँच गई हैं। 
एनडीटीवी ने उत्तर प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से यह ख़बर दी है। उस अधिकारी ने एनडीवीसी से कहा, 'कोटा जैसी जगहों से बच्चों को लाने के लिए बसें भेजी जाएंगी। हम खाने का सामान, पानी की बीतलें, मास्क और सैनिटाइज़र भी भेजेंगे। हर बस में 25 छात्र बैठेंगे। कुछ बसें झाँसी भी भेजी जाएंगी।' 
उत्तर प्रदेश से और खबरें

कोटा क्यों?

बता दें कि कोटा इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी का केंद्र है, जहाँ हज़ारों छात्र अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में कोचिंग लेकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। यहां उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लगभग हर प्रदेश के छात्र कोचिंग करने आते हैं। 
उत्तर प्रदेश सरकार अपने छात्रों को निकालने की कोशिश कर रही है। 
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पर रज़ामंदी जताते हुए कहा है कि दूसरे राज्य भी ऐसा कर सकते हैं और अपने-अपने बच्चों को कोटा से ले जा सकते हैं। 
लेकिन बिहार को इस तरह बस भेजने पर आपत्ति है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा. 

'जिस तरह छात्रों को लाने के लिए कोटा बसें भेजी जा रही हैं, वह लॉकडाउन के सिद्धान्त का उल्लंघन है।'


नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार

बिहार के मुख्य सचिव ने दीपक कुमार ने एनडीटीवी से कहा, 'इससे कई मुसीबतें खड़ी हो जाएंगी। यदि आप छात्रों को लाने की अनुमति देंगे तो प्रवासी मज़दूरों को किस आधार पर रोकेंगे, वे भी फँसे हुए हैं।' 

याद दिला दें कि आदित्यनाथ सरकार ने इसके पहले कुछ बसें चला कर नोयडा, ग़ाजियाबाद और दिल्ली में फँसे अपने प्रवासी मज़दूरों को निकाला था। लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को संक्रमण फैलने की बात कह कर ऐसा करने से रोका था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले दिन बस नहीं चलाईं। 

 

लॉकडाउन

याद दिला दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से 21 दिनों के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाने का एलान किया था। इसे बाद में 3 मई तक बढ़ा दिया गया। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया।

लॉकडाउन के दौरान हर तरह का परिवहन बंद कर दिया गया है। भारतीय रेल ने ट्रेनें बंद कर दीं, सभी हवाई कंपनियों ने अपने जहाज़ उतार दिए, सभी बसें बंद कर दी गईं। सार्वजनिक परिवहन ही नहीं, निजी परिवहन पर भी रोक लगा दी गई है। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें