विपक्ष बिखरा हुआ है और एनडीए के पास धनबल, बाहुबल यानी हर तरह की ताक़त है। तो क्या मान लिया जाए कि बिहार में उसकी जीत तय है या फिर मतदाता कुछ और ग़ुल खिला सकता है। वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























