मज़दूरों के मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रवैये को लेकर प्रदेश में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बिहारियों को लग रहा है कि नीतीश बाहर फँसे मज़दूरों की ज़रा भी चिंता नहीं कर रहे हैं। कर्नाटक ने उन्हें बंधक बना लिया है फिर भी वे चुप हैं, बल्कि दबे-छिपे मज़दूरों को दूसरे राज्यों में भी भेज रहे हैं। इसके पहले वे छात्रों के मामले में भी ऐसी ही संवेदनहीनता दिखा चुके हैं।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























