जब भी राजनीतिक मुद्दे को विपक्ष कानूनी पचड़े में फंसाता है वह मात खा जाता है. अडानी मामले में भी फिर वहीं तो नहीं दोहराया जाएगा?जेपीसी के अलावा कोई और तरीका तो दिखता नहीं. आज की जनादेश चर्चा.
जब भी राजनीतिक मुद्दे को विपक्ष कानूनी पचड़े में फंसाता है वह मात खा जाता है. अडानी मामले में भी फिर वहीं तो नहीं दोहराया जाएगा?जेपीसी के अलावा कोई और तरीका तो दिखता नहीं. आज की जनादेश चर्चा.