रिटायर्ड IAS राजू शर्मा आज शीतल के सवालों के सामने थे। अर्थव्यवस्था और समाज पर कोरोना संकट के पड़ते प्रभाव की समीक्षा के लिए उनसे ज्ञानवर्धक संवाद हुआ। खेती के सिवा अर्थव्यवस्था के किसी और उपादान से कोई सकारात्मक सूचना नहीं है और कोरोना का वायरस अभी तक मनुष्यों से ज़्यादा स्मार्ट निकला है।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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