चुनावों में कालेधन को रोकने के लिए बनी इलेक्टोरल बॉन्ड योजना क्या कालाधन छुपाने का सबसे पड़ा अड्डा बन गई है? सत्तारूढ़ दल बीजेपी इस बॉन्ड का 95 फ़ीसदी फ़ायदा उठा रही है। क्या अब पीएमओ भी सीधे हस्तक्षेप कर नियम-क़ायदों की अनदेखी करा रहा है। हफिंगटन पोस्ट के नितिन सेठी के ख़ुलासे पर देखिए 'शीतल के सवाल'।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।








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