क्या आम लोगों को सस्ती दर पर सुविधाएँ देना और मुफ़्त देना मुफ़्तखोरी है? आम आदमी पार्टी व केजरीवाल सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को मुफ़्तखोरी का नाम देने वाले लोग कौन हैं? क्या बीजेपी, बीजेडी, तृणमूल, समाजवादी पार्टी या दूसरी पार्टी की सरकारों में ऐसी मुफ़्त वाली योजनाएँ नहीं हैं? देखिए शीतल के सवाल में रिटायर्ड आईएएस राजू शर्मा से चर्चा।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।





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