दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की एक कमेटी ने दिल्ली के दंगों की जाँच के बाद कहा है कि दंगों और दंगों के बाद पुलिस की भूमिका पक्षपातपूर्ण रही है। उसके ये निष्कर्ष दिल्ली पुलिस की जाँच के ठीक उलट हैं। क्या है सच, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।
























