कल मोदीजी ने देश को बीस लाख करोड़ का पैकेज दिया । आज निर्मला जी ने उसका भाष्य किया पर लोगों को अचरज हुआ कि इसमें सड़कों पर लाखों की संख्या में पैदल घर लौटते मज़दूरों के लिये एक शब्द तक नहीं था । मोदी सरकार की इस अनीति पर सवाल कर रहे हैं शीतल पी सिंह
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













.jpg&w=3840&q=75)








