प्रियंका गाँधी ने एक हज़ार बसों के प्रस्ताव का अंजाम चाहे जो हो, मगर इतना तय है कि योगी सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज़बर्दस्त झटका दिया है। इस प्रकरण से उनका मज़दूर विरोधी चरित्र उजागर हो गया है और ये भी कि वे केवल मुस्लिम विरोधी राजनीति ही कर सकते हैं, दूसरे तरह की राजनीति को संभालना उन्हें नहीं आता। ज़ाहिर है कि उन्हें इसका राजीतिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। पेश है वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























