रिजर्व बैंक के एक समूह ने राय दी है कि देश के बड़े उद्योग घरानों को बैंकिंग लाइसेंस दिए जा सकते हैं। जानकार इस प्रस्ताव पर सवाल उठा रहे हैं इसपर हैरानी नहीं होनी चाहिए। हैरानी की बात तो यही है कि इस वक्त ऐसा प्रस्ताव आया क्यों?
लेखक सीएनबीसी आवाज़ के पूर्व संपादक हैं, आर्थिक मामलाों के विशेषज्ञ हैं और समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।















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