राहुल गांधी ने मैदान छोड़ा नहीं है बल्कि इन दिनों उनकी उपस्थिति से सत्तारूढ़ दल बेचैन लगता है । प्रवासी मज़दूरों के मामले पर सरकार का अनवरत फेल्यौर राहुल गांधी के लिये वरदान साबित हुआ है। कांग्रेस ने हस्तक्षेप भी सटीक किया जिससे मोदीकैंप में पैदा हुई तिलमिलाहट कल निर्मला सीतारमण की प्रतिक्रिया में बाहर आकर बिखर गई । शीतल पी सिंह का विश्लेषण
ट्रेंडिंग
ख़बर
अगली खबर लोड हो रही है...
























