पीयूष गोयल को मोदी सरकार के सबसे प्रतिभाशाली मंत्री के रूप में पेश किया जाता था मगर कोरोना संकट के दौरान वे सबसे नाकारा मंत्री के तौर पर सामने आए हैं। पिछले एक महीने के दौरान मज़दूरों को उनके घर पहुँचाने के काम में बार-बार ग़लतियाँ की हैं। ट्रेन किराया से लेकर ट्रेनों के भटकने और अब 80 मौतों ने उनकी क्षमताओं को बेनकाब कर दिया है। पेश है वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।
























