तमाम विपक्षी दल काँग्रेस नेतृत्व से निराश होते जा रहे हैं। वे चाहते हैं कि मोदी-शाह की तानाशाही के ख़िलाफ़ उनका नेतृत्व करें, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लग रही है। क्या इसीलिए शिवसेना शरद पवार को यूपीए का अध्यक्ष बनाना चाहती है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























