वाल स्ट्रीट जर्नल ने बीजेपी नेताओं की ज़हरीली टिप्पणियों को न हटाने के फेसबुक के फ़ैसले को बेनकाब करके कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि क्या बीजेपी और फेसबुक के बीच किसी साठगाँठ के तहत ऐसा चल रहा है? वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























