जापान कोरिया सिंगापुर हांगकांग से एक साथ वहाँ बसे भारतीयों से सत्य हिंदी ने पूछा कि कोरोना के मामले में उनकी सफलता का राज क्या है । राहुल अनिल समर अनार्य और संतोष पांडेय ने वहाँ के हाल बताये । भारत के लिए वहाँ के अनुभव से क्या सबक़ मिलते हैं? शीतल पी सिंह की बातचीत
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













.jpg&w=3840&q=75)








