बंगाल चुनाव 2026 में हिंदुत्व की जीत एक बड़ा मोड़ है। प्रो. मुकेश कुमार और वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय के साथ इस विश्लेषण में जानिए क्या अब बहुसंख्यकवाद और अल्पसंख्यक दमन बढ़ेगा? क्या इस जीत के बाद भारतीय संविधान का स्वरूप बदलेगा?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























