सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पश्चिम बंगाल में 34 लाख वोटर मतदान कर पाएँगे या नहीं? सुप्रीम कोर्ट की राहत के बाद भी ट्रिब्यूनल्स की सुस्त रफ़्तार बनी मुसीबत। प्रभाकर मणि तिवारी का ग्राउंड ज़ीरो से विश्लेषण।
लेखक ने पूर्वोत्तर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नेपाल और भूटान से राजनीति, उग्रवाद, पर्यटन, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग की है। समसामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।























