ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बंगाल में चुनाव बाद हिंसा और टीएमसी नेताओं पर हमले के विरोध में इसके प्रदर्शन को कोलकाता पुलिस मंजूरी नहीं दे रही है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के बाद 2500 टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ हुई और 10,000 कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए।
ममता बनर्जी वोटर लिस्ट विशेष निरीक्षण
ममता बनर्जी ने चेताया है कि टीएमसी नेताओं पर हमले के विरोध में उसके प्रदर्शन को यदि कोलकाता पुलिस ने मंजूरी नहीं दी तो टीएमसी दिल्ली में धरना देगी। उन्होंने सोमवार को राज्य में 'पुलिस राज' चलने का आरोप लगाया। उन्होंने बीजेपी पर टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी को मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्चुअल संबोधन में कहा, 'हमने कल (मंगलवार) दोपहर 1 बजे रानी रशमोनी रोड पर धरना देने के लिए पुलिस को आवेदन दिया था। सड़क लगभग खाली है और सिर्फ 100 लोगों का कार्यक्रम है। फिर भी इजाजत नहीं दी जा रही है। अगर जगह नहीं देना चाहते तो दूसरी जगह सुझा देते। इजाजत नहीं देंगे तो मैं अकेली दिल्ली में धरना दूंगी।' उन्होंने कहा, 'INDIA गठबंधन की बैठक भी दिल्ली में है, वहां भी धरना देंगे।'
'अभिषेक, कल्याण को मारने की कोशिश की गई'
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी नेताओं पर हमलों को लेकर कहा, 'आपने अभिषेक और कल्याण बनर्जी को मारने की कोशिश की। अभिषेक के सिर पर हेलमेट था, वरना बड़ा हादसा हो जाता। यह उनकी किस्मत थी कि उनका सिर बच गया।' उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के डॉक्टरों पर दबाव डाला जा रहा है कि वे अभिषेक बनर्जी का इलाज न करें। ममता ने पूछा, 'क्या दूसरी पार्टी का व्यक्ति होने पर इलाज नहीं मिलना चाहिए?'
2500 पार्टी दफ्तर तोड़े, 10000 कार्यकर्ता गिरफ्तार
ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, 'चुनाव के बाद 2500 टीएमसी पार्टी कार्यालय तोड़ दिए गए। 10000 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस टीएमसी विधायकों को घर से बाहर न निकलने की धमकी दे रही है। पुलिस निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी का साथ देने के लिए कह रही है, जो पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहा है।' ममता ने कहा, पुलिस टीएमसी को बैठक-रैली करने की इजाजत नहीं दे रही। 2500 कार्यालय तोड़ दिए, ईदगाह छीन ली, मिशनरी संस्थानों को बंद किया। कार्यकर्ताओं को झूठे हथियार और नशीले पदार्थ के केस में फँसाने की धमकी दी जा रही है।
सुरक्षा वापस ली गई, कोर्ट जाएंगे
ममता ने आरोप लगाया कि उनकी और पार्टी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं और सुरक्षा भी हटा ली गई है। उन्होंने कहा, 'हम कोर्ट में लड़ेंगे।' कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि घर से निकाले गए कार्यकर्ताओं को वापस बसाने का आदेश था, लेकिन पुलिस उसे नहीं मान रही।
चुनाव में धांधली का आरोप
ममता बनर्जी ने हालिया नगरपालिका चुनावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 177 सीटें लूटी गईं। राजारहाट में तपस चटर्जी जीत रहे थे, री-काउंटिंग में हरा दिया गया। भवानीपुर में वे 13000 वोटों से आगे थीं, फिर भी उन्हें काउंटिंग सेंटर से बाहर कर दिया गया। फलता विधानसभा उपचुनाव में 500 एजेंटों को गिरफ्तार किया गया और उम्मीदवार को धमकाया गया। उन्होंने कहा, 'पोस्टल बैलेट में हम 1700-1800 वोटों से आगे थे, लेकिन पैसे और मसल पावर से सब बदल दिया गया।'पश्चिम बंगाल से और ख़बरें
'टीएमसी नहीं टूटेगी'
ममता बनर्जी ने विश्वास जताते हुए कहा, 'पैसे और पुलिस से टीएमसी को तोड़ा नहीं जा सकता। कुछ सांसदों-विधायकों को पैसे देकर ज़्यादा फायदा नहीं होगा। टीएमसी और मज़बूत होकर उभरेगी।' उन्होंने राज्य की क़ानून-व्यवस्था और अर्थव्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 'लंपट तत्वों' को राज्य सौंप दिया गया है, व्यापार प्रभावित हो रहा है।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि टीएमसी चुनावी हार और पार्टी के अंदरूनी कलह से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
TMC का कार्यक्रम क्या?
टीएमसी मंगलवार को कोलकाता में धरना करने की तैयारी में है। अगर इजाजत नहीं मिली तो ममता दिल्ली में प्रदर्शन करेंगी। पार्टी अब सड़क आंदोलन के जरिए अपनी आवाज बुलंद करने की रणनीति पर काम कर रही है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्माने वाला है।