रॉयटर्स की जांच से पता चला है कि बहरीन में हुए आवासीय विस्फोट की वजह अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल थी। इस विस्फोट में दर्जनों लोग घायल हुए थे। पहले दावा किया गया था कि ईरानी ड्रोन के कारण विस्फोट हुआ था। बहरीन सरकार ने इस खुलासे को स्वीकार किया है।
बहरीन के इसी इलाके में गिराई गई थी अमेरिकी मिसाइलई
मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। बहरीन में 9 मार्च 2026 को हुआ विस्फोट, जिसमें दर्जनों नागरिक घायल हुए, वह ईरानी ड्रोन हमले की बजाय अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल से जुड़ा था। मिडलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के शोधकर्ताओं के विश्लेषण से यह निष्कर्ष निकला है।
9 मार्च 2026 की सुबह लगभग 2 बजे बहरीन की राजधानी मनामा के पास सितरा द्वीप के महज्जा इलाके (ब्लॉक 602) में एक जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट से घरों में मलबा गिरा, धूल-धुंध फैली और शार्पनेल (टुकड़े) से दीवारों में छेद हो गए। वीडियो में घायल व्यक्ति और चीखते हुए निवासियों के दृश्य सामने आए। इस घटना में कुल 32 लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। कुछ की हालत गंभीर बताई गई है, लेकिन किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई।
प्रारंभिक दावे और बाद में बदलाव
घटना के तुरंत बाद बहरीन और अमेरिकी सेन्ट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे ईरानी ड्रोन हमला बताया। CENTCOM ने रूसी और ईरानी मीडिया की उन रिपोर्टों को "झूठ" करार दिया था जिसमें पैट्रियट मिसाइल के फेल होने या आवासीय क्षेत्र में गिरने का दावा किया गया था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ईरानी ड्रोन ने ही इलाके को निशाना बनाया।
हालांकि, 21 मार्च को बहरीन सरकार ने रॉयटर्स को पहली बार बताया कि पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी ड्रोन को हवा में ही रोक लिया था, जिससे जानें बचाई गईं। उन्होंने माना कि विस्फोट पैट्रियट मिसाइल से जुड़ा था, लेकिन इसे मिसफायर या खराबी नहीं बताया।
मिडलबरी इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता सैम लेयर, माइकल ड्यूट्समैन और प्रोफेसर जेफरी लुईस ने ओपन-सोर्स सामग्री (सोशल मीडिया वीडियो, सैटेलाइट इमेजरी) का अध्ययन किया। निष्कर्ष में मध्यम से उच्च विश्वास के साथ कहा गया कि मिसाइल अमेरिकी पैट्रियट बैटरी से दागी गई थी, जो रिफ्फा शहर में स्थित है (महज्जा से लगभग 4 मील या 7 किमी दक्षिण-पश्चिम)।
जांच के प्रमुख प्वाइंट
- सैटेलाइट तस्वीरों (7 मार्च 2026) में रिफ्फा में पांच लॉन्चर दिखे, जिनकी विशेषताएं (सुरक्षात्मक दीवारें, अपेव्ड रोड) अमेरिकी बैटरी से मेल खाती हैं।
- वीडियो में मिसाइल का उत्तर-पूर्व दिशा में कम ऊंचाई पर उड़ना और 1.3 सेकंड बाद फ्लैश दिखना दर्ज है।
- ऑडियो विश्लेषण से विस्फोट की दूरी 4.6 मील बताई गई।
- क्षति पैटर्न (कई ब्लॉक में फैली, कोई बड़ा क्रेटर नहीं) से पता चलता है कि मिसाइल हवा में ही विस्फोट हो गई, जिससे वॉरहेड और प्रोपेलेंट का विस्फोट हुआ। ड्रोन के सीधे प्रभाव का कोई सबूत नहीं मिला।
विशेषज्ञों ने इसे "लापरवाही भरा इंटरसेप्ट प्रयास" बताया, क्योंकि यह आवासीय क्षेत्र में नागरिकों को खतरे में डालता है। पूर्व पेंटागन अधिकारी वेस ब्रायंट ने निष्कर्षों को "काफी निर्विवाद" कहा।
यह घटना अमेरिका-ईरान युद्ध के 10वें दिन हुई, जब ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला चल रहा था। उसी रात सितरा पर बापको ऑयल रिफाइनरी भी निशाना बनी, जिससे फोर्स मेज्योर घोषित किया गया और धुआं उठता देखा गया। पैट्रियट जैसी महंगी प्रणाली सस्ते ईरानी ड्रोनों के खिलाफ इस्तेमाल की सीमाएं और जोखिम उजागर करती है।
अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता को कुचल रहे हैं और अपने सहयोगियों पर हमलों का जवाब देंगे।" बहरीन ने दावा किया कि इंटरसेप्शन से जानें बचीं। ईरान की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई। यह घटना अमेरिकी सहयोगी बहरीन में नागरिक सुरक्षा पर सवाल उठाती है, जहां अमेरिकी नौसेना की 5वीं फ्लीट भी तैनात है।