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ट्रंप ने की वापसी, दिए राष्ट्रपति चुनाव दुबारा लड़ने के संकेत

कैपिटल हिल पर हमला करने के लिए अपने समर्थकों को उकसाने और इसी आधार पर महाभियोग प्रस्ताव का सामना करने वाले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे न सिर्फ सक्रिय राजनीति में रहेंगे, बल्कि अगले राष्ट्रपति चुनाव में भाग भी लेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दे दिया है कि उनका विरोध करने वाले रिपब्लिकन नेताओं की खैर नहीं। और रिपब्लिनक पार्टी समर्थकों के बड़े हिस्से ने उनका समर्थन भी किया है।

याद दिला दें कि डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद चुनाव नतीजों को मानने से इनकार कर दिया था और अपने समर्थकों को कैपिटल हिल पर कब्जा करने के लिए उकसाया था। उसके बाद उनके हज़ारों समर्थक उस कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए, जहाँ कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद स्थित है। उन्होंने वहाँ बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और हिंसा की थी।

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ट्रंप की वापसी!

कुछ दिनों की चुप्पी के बाद डोनल्ड ट्रंप रविवार को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से जनता के सामने आए। उन्होंने फ़्लोरिडा के ओरलैंडो शहर में कंजरवेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेन्स को संबोधित किया और लोगों को आश्वस्त किया कि वे 2022 में होने वाले सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स के चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को जीत दिलवा कर कांग्रेस यानी संसद पर पार्टी का कब्जा सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने कहा, 

"आपकी मदद से हम सदन पर फिर कब्जा कर लेंगे, हम सीनेट जीत लेंगे और उसके बाद रिपब्लिकन पार्टी का राष्ट्रपति गौरव के साथ व्हाइट हाउस में दाखिल होगा।"


डोनल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति, अमेरिका

उन्होंने उसके बाद पूछा, "वह कौन होगा? वह कौन होगा? मुझे अचरज हो रहा है कि वह कौन होगा?"

डोनल्ड ट्रंप ने खुद अपना नाम नहीं लिया, पर उनका संकेत साफ है, कि वे 2024 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।

विरोधियों पर निशाना

हाउस ऑफ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स और सीनेट पर कब्जा करने का सपना दिखाने वाले पूर्व राष्ट्रपति ने साफ संकेत दिया कि उनका विरोध करने वालों को वे नहीं बख्शेंगे। उन्होंने कहा, "उन सबसे निजात पाना ज़रूरी है।"

उन्होंने अपना विरोध करने वाले अपनी ही पार्टी के लोगों को यह कह कर खारिज कर दिया कि वे कुछ मुट्ठी भर लोग है।

उन्होंने नाम तो नहीं लिया, पर यह साफ है कि उनका इशारा मिट रॉमनी, मिच मैकॉनल, लिज़ चेनी, एडम किज़िंगर और पैट टूमी जैसे रिपब्लिकन नेताओं की ओर है, जिन्होंने कैपिटल बिल्डिंग पर हमले के बाद खुले आम उनका विरोध किया था और सीनेट में उनके ख़िलाफ़ मतदान किया था।

नहीं बदले ट्रंप!

इतना सबकुछ होने के बावजूद डोनल्ड ट्रंप थोड़ा भी बदले हुए नहीं लगे और उन्होंने चुनाव पूर्व की झूठों को एक बार फिर दुहराया। उन्होंने एक बार फिर कहा कि चुनाव में धाँधली हुई थी। उन्होंने डेमोक्रेट्स और जो बाइडन की ओर इशारा करते हुए कहा,

"वे मुझसे चुनाव हार गए। और कौन जानता है, यह कौन जानता है कि मैं उन्हें तीसरी बार भी हरा दूं?"


डोनल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति, अमेरिका

नई पार्टी नहीं

अपनी ही पार्टी के कुछ लोगों का विरोध झेलने वाले पूर्व राष्ट्रपति ने पहले एक बार यह संकेत दिया था कि वे नई पार्टी शुरू कर सकते हैं। लेकिन रविवार को फ्लोरिडा सम्मेलन में उन्होंने इससे इकार कर दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "हम नई पार्टी शुरू नहीं करने जा रहा हैं। हमारे पास रिपब्लिकन पार्टी है, यह पहले से अधिक एकजुट और मजबूत होगी।"

फिर लोकप्रिय

दिलचस्प बात यह है कि डोनल्ड ट्रंप एक बार फिर लोकप्रिय हो रहे हैं। फ्लोरिडा सम्मेलन के मौके पर हुए एक सर्वेक्षण में 55 प्रतिशत रिपब्लिकन सदस्यों ने कहा कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में वे ट्रंप को वोट देंगे। यह इसलिए भी अहम है कि फ़्लोलिडा के गवर्नर रॉन डीसैन्टिस को सिर्फ 21 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया।

बता दें कि डोनल्ड ट्रंप अपने ग़ैर-जिम्मेदाराना बयान और कुछ नीतियों के वजह से बहुत ही अलोकप्रिय हो गए थे और उनकी ही पार्टी के लोगों ने उनका पुरज़ोर विरोध करना शुरू कर दिया था। रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं के एक धड़े का कहना था कि ट्रंप पार्टी की नीतियों और मूल्यों के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं, वे पार्टी को दो भागों को विभाजित कर रहे हैं, वे देश का ध्रुवीकरण कर रहे हैं।

इसके बावजूद चुनाव में ट्रंप को अच्छा ख़ासा वोट मिला था। 

डोनल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के सम्मेलन में भाग लेकर यह साफ कर दिया है कि वे न सिर्फ पार्टी में मजबूती से रहेंगे बल्कि अगला चुनाव भी लड़ेंगे। 

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