ईरान के ऊपर हमले के मिशन के बाद, यूएस ने कहा- अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान ने मिडिल ईस्ट में इमरजेंसी लैंडिंग की। पायलट की हालत स्थिर है, घटना की जांच चल रही है। ईरान ने इसे निशाना बनाया था, इसमें आग लग गई थी।
अमेरिका का खास लड़ाकू विमान एफ 35
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के एक क्षेत्रीय एयरबेस पर गुरुवार को एक अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर जेट ने आपातकालीन लैंडिंग की। यह विमान ईरान के ऊपर एक युद्ध मिशन (कॉम्बेट मिशन) पूरा करने के बाद लौट रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने इसकी पुष्टि की है। लेकिन ईरान ने इस विमान पर हमला किया था, इसमें आग लग गई। ईरान के दावे पर बिना कुछ कहते हुए यूएस सेंट्रल कमांड ने इस विमान को लेकर तमाम सफाई एक्स पर दे डाली। ईरान ने भी इस विमान को लेकर वीडियो जारी किया था।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और पायलट की हालत स्थिर है। इस घटना की जांच चल रही है। कैप्टन हॉकिन्स ने कहा, "हम रिपोर्ट्स से अवगत हैं कि एक अमेरिकी F-35 विमान ने ईरान के ऊपर युद्ध मिशन उड़ान भरने के बाद एक क्षेत्रीय अमेरिकी एयरबेस पर आपातकालीन लैंडिंग की। विमान सुरक्षित उतरा, और पायलट स्थिर स्थिति में है। यह घटना जांच के अधीन है।"
सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह विमान शायद ईरानी हमले से क्षतिग्रस्त हुआ था। एक F-35 जेट की कीमत लगभग 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) है। 2018 में F-35 के युद्ध में तैनात होने के बाद से दुश्मन की गोलीबारी से इसे नुकसान पहुंचने का यह पहला पुष्ट मामला सामने आया है।
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी विमान को निशाना बनाया और उसे नुकसान पहुंचाया। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि IRGC ने इसे "गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त" बताया है। ईरानी मीडिया ने फुटेज जारी की है जिसमें अमेरिकी F-35 पर हमले का दावा किया गया है।
यह घटना अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का हिस्सा है, जो 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। अमेरिका ने ईरान के अंदर 7,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए हैं, जिसमें 40 से ज्यादा ईरानी माइन बिछाने वाले जहाज और 11 पनडुब्बियां शामिल हैं। अमेरिकी लक्ष्य ईरान के मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट करना, उसके रक्षा उद्योग और नौसेना को कमजोर करना तथा परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, "हमारे राष्ट्रपति से प्राप्त अमेरिका फर्स्ट निर्देशों के अनुसार हमारे उद्देश्य पहले दिन जैसे ही बने हुए हैं।" उन्होंने अभियान समाप्त करने की कोई समयसीमा नहीं बताई। जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रही है और रोजाना ईरान के गहरे इलाकों में हमले कर रही है, लेकिन ईरान के पास अभी भी कुछ मिसाइल क्षमताएं बाकी हैं।
युद्ध शुरू होने से अब तक कम से कम 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और करीब 200 घायल हुए हैं। ईरान में स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार 1,444 लोग मारे गए और 18,551 घायल हुए हैं। अमेरिका ने 12 MQ-9 रीपर ड्रोन खो दिए हैं।
इस घटना से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। विश्व व्यापार संगठन के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि ईरान पर युद्ध वैश्विक खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।