बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के एक पत्रकार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई और एक हिंदू महिला को दो लोगों ने सामूहिक रूप से बलात्कार किया और उसके साथ क्रूरता की। हिंदुओं के ख़िलाफ़ हिंसा आख़िर रुक क्यों नहीं रही?
एक हिंदू पुरुष की हत्या और महिला से गैंगरेप (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार शाम जशोर जिले में एक हिंदू पत्रकार को सार्वजनिक जगह पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह पिछले तीन हफ्तों में हिंदुओं पर हमले की पांचवीं बड़ी घटना है। इस बीच एक हिंदू महिला पर हमला और उसके साथ गैंगरेप की घटना भी सामने आई है। महिला को पेड़ से बांधा गया, बाल काटे गए और फिर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया तक पर वायरल किया गया। देश में हिंसा के बीच अल्पसंख्यक समुदाय डर के साए में जी रहा है।
गोली मारकर हत्या की यह घटना जशोर जिले के कोपालिया बाजार में हुई। मारे गए व्यक्ति की पहचान 45 साल के राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है। वे केशबपुर उपजिला के अरुआ गांव के रहने वाले थे। वह 'दैनिक बी डी ख़बर' के कार्यकारी संपादक थे।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अज्ञात हमलावरों ने बाजार में राणा प्रताप पर कई गोलियां चलाईं। उन्हें कई जगह गोली लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी मच गई। मनीरामपुर पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अधिकारी राजीउल्लाह खान ने कहा कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी चल रही है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है।
हिंदू महिला का गैंगरेप
इसी बीच, झेनाइदह जिले के कालीगंज उपजिला में एक 40 साल की हिंदू विधवा पर बेहद क्रूर हमला हुआ। स्थानीय मीडिया और पीड़िता की शिकायत के अनुसार, दो आरोपियों शाहिन और हसन ने गैंगरेप किया, उसे पेड़ से बांधकर जबरन बाल काटे और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार पीड़िता ने पुलिस को बताया कि ढाई साल पहले उसने शाहिन और उसके भाई से वार्ड नंबर 7 में 20 लाख टका में जमीन और दो मंजिला मकान खरीदा था। इसके बाद शाहिन उसे परेशान करने लगा। पीड़िता के बार-बार मना करने पर परेशानी बढ़ती गई।
शनिवार शाम जब उसके रिश्तेदार घर पर आए थे, तब शाहिन और हसन ने घर में घुसकर रिश्तेदारों को पीटा और बाहर निकाला। इसके बाद दोनों ने बलात्कार किया। फिर 50 हजार टका मांगे। जब पीड़िता ने शोर मचाया, तो हमलावरों ने उसे पेड़ से बांधा, बाल काटे, वीडियो बनाया और ऑनलाइन डाल दिया। पीड़िता बेहोश हो गई। स्थानीय लोगों ने उसे बचाकर झेनाइदह सदर अस्पताल पहुंचाया।
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ. मोस्तफिजुर रहमान ने कहा कि शुरू में पीड़िता ने कुछ नहीं बताया, लेकिन मेडिकल जांच से दुर्व्यवहार का पता चला। होश आने पर पीड़िता ने कालीगंज पुलिस स्टेशन में शाहिन और हसन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार अतिरिक्त पुलिस सुपरिंटेंडेंट बिलाल हुसैन ने कहा, 'हमने शिकायत दर्ज की है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।' कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हिंदुओं पर लगातार हो रहे हमले
पिछले कुछ हफ्तों में हिंदुओं के ख़िलाफ़ लगातार हिंसा हो रही है। 31 दिसंबर को शरियतपुर जिले में हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास पर भीड़ ने हमला किया, चाकू मारे और आग लगा दी। उन्होंने तालाब में कूदकर बचने की कोशिश की, लेकिन गंभीर जलने से 3 जनवरी को ढाका के बर्न इंस्टीट्यूट में मौत हो गई।
इससे पहले 24 दिसंबर को राजबारी में अमृत मंडल नाम के हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। अंतरिम सरकार ने इसे उगाही से जोड़ा, लेकिन साम्प्रदायिक एंगल से इनकार किया।
18 दिसंबर को मयमनसिंह में दीपु चंद्र दास को झूठे ईशनिंदा आरोप में भीड़ ने पीटकर मार डाला, शव को पेड़ पर लटकाया और आग लगा दी गई।
भारत की चिंता पर बांग्लादेश की सफाई
भारत ने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा पर जताई चिंता। भारत इन घटनाओं पर नजर रख रहा है। बांग्लादेश सरकार बार-बार कहती है कि वह अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन लगातार हमले, लिंचिंग और अपमान की घटनाओं से ये दावे खोखले लग रहे हैं।
हिंदू समुदाय के नेता कह रहे हैं कि देश के हर हिस्से में हमले हो रहे हैं और डर का माहौल है। फरवरी में चुनाव होने हैं, लेकिन तब तक हालात सुधरने के आसार कम हैं। ये घटनाएं दिखाती हैं कि बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कितनी खराब हो चुकी है और अल्पसंख्यक कितने असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।