अमेरिका और ईरान के बीच गहराता युद्ध और राजनीतिक खींचतान अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई है। एक तरफ जहां ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की धमकी देता हुआ एक बेहद डरावना और विशाल बिलबोर्ड लगाया गया है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने ट्रंप के करीबियों पर युद्ध और शांति वार्ताओं की आड़ में बाज़ार के ज़रिए अरबों डॉलर का वित्तीय मुनाफा कमाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

तेहरान में लगा ट्रंप के 'ताबूत' वाला पोस्टर

ईरान की राजधानी तेहरान के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण माने जाने वाले 'एंगेलाब स्क्वायर' (Enghelab Square) पर एक विशाल बिलबोर्ड (होर्डिंग) लगाया गया है। इस बिलबोर्ड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक काले रंग के ताबूत के अंदर मृत अवस्था में दिखाया गया है।

पोस्टर पर लिखा 'मौत का फरमान'

इस विशाल पोस्टर पर फारसी और अंग्रेजी भाषा में साफ तौर पर लिखा गया है- "हम ट्रंप को मार डालेंगे" (We Will Kill Trump)। इसके अलावा ताबूत पर अमेरिकी झंडा लपेटा गया है और उसके साथ "खून का बदला खून, आंख के बदले आंख" जैसे नारे भी लिखे हैं।
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मुजतबा खामेनेई का बदला लेने का संकल्प

यह पोस्टर ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में अमेरिका-इसराइल के हवाई हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और उनके उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका से बदला लेने की सार्वजनिक कसम खाई है। मुजतबा ने कहा था कि उनके पिता की हत्या का बदला हर हाल में लिया जाएगा और ट्रंप कभी भी अपने बिस्तर पर चैन की नींद नहीं सो पाएंगे।
ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि अगर उनकी हत्या की कोई भी कोशिश की गई, तो अमेरिकी सेना ईरान को "पूरी तरह से तबाह" (completely decimate) कर देगी।

बाजार से पैसा कमा रहे हैं ट्रंप के करीबी": ईरान

इस युद्ध के बीच 'ड्रॉप साइट न्यूज' (Drop Site News) की एक रिपोर्ट ने राजनयिक गलियारों में सनसनी मचा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के वार्ताकारों ने स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) को एक अत्यंत गुप्त लिखित संदेश भेजा था।

कुशनर और विटकॉफ पर गंभीर आरोप: ईरान ने आरोप लगाया है कि ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर (Jared Kushner) और उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) शांति समझौता कराने में नहीं, बल्कि बातचीत की अंदरूनी संवेदनशील जानकारियों (insider info) का इस्तेमाल कर वित्तीय बाजारों (शेयर मार्केट) से निजी मुनाफा कमाने में रुचि रख रहे हैं।

ईरानी अधिकारियों ने यह भी चिंता जताई कि जेरेड कुशनर बातचीत की गोपनीय बातें सीधे इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लीक कर रहे हैं।

$9 बिलियन के मुनाफे का दावा और $4.5 बिलियन की मांग

ईरान ने सिर्फ आरोप ही नहीं लगाए, बल्कि मध्यस्थों (mediators) के जरिए बकायदा लिखित रूप से अमेरिका के सामने वित्तीय मांग भी रख दी है।

  • ईरान का गणित: ईरानी अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने तेल वायदा (oil futures), ऊर्जा से जुड़े शेयरों (energy stocks) और बाजार की अन्य भविष्यवाणियों (prediction markets) का पूरा विश्लेषण किया है। ईरान के अनुसार, ट्रंप के करीबियों ने युद्ध की स्थिति और वार्ताओं की खबरों में हेरफेर कर लगभग 9 अरब डॉलर (करीब ₹75,000 करोड़ रुपये) का अवैध मुनाफा कमाया है।
  • आधे पैसे देने की मांग: एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने 'ड्रॉप साइट न्यूज' को बताया, "हमने मध्यस्थों के माध्यम से स्पष्ट संदेश भेज दिया है कि इस भारी-भरकम मुनाफे में से 4.5 अरब डॉलर ($4.5 Billion) का हिस्सा ईरानी पक्ष को हस्तांतरित किया जाना चाहिए।" अधिकारी ने यह भी कहा कि यह आदान-प्रदान किए गए पत्र अंततः इतिहास के दस्तावेजों का हिस्सा बनेंगे।

अमेरिका ने दावों को किया सिरे से खारिज

व्हाइट हाउस और अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के इन आरोपों को पूरी तरह से काल्पनिक और बेतुका बताया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा: "ऐसा कोई भी संदेश अमेरिकी उपराष्ट्रपति या उनकी टीम को कभी नहीं भेजा गया। यह बेहद निराशाजनक है कि कुछ मीडिया संगठन अमेरिकी प्रशासन से नफरत के चलते ईरानी सरकार के झूठे प्रचार का जरिया बन रहे हैं। ट्रंप की बातचीत करने वाली टीम पूरी निष्ठा के साथ देशहित में काम कर रही है।"
फिलहाल दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जहां एक ओर परमाणु समझौतों और शांति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ युद्ध के मोर्चे पर मिसाइलें और धमकियां लगातार जारी हैं।