ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध में बुधवार को तनाव और बढ़ गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने फारस की खाड़ी में दो अमेरिकी जहाजों और आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे 10 अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया गया। इस बीच ईरान ने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलों की बौछार की। जॉर्डन ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 20 में से 18 मिसाइलों को रोक लिया।

शुरुआत पांच ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमले से हुई

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने मंगलवार को खार्ग द्वीप के आसपास कई ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया था। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इन टैंकरों का संबंध ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से था और अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश के जवाब में इन्हें निशाना बनाया गया। अमेरिका ने इससे पहले शनिवार को भी तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया था। अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरानी बलों ने अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। अमेरिकी नौसेना ने कहा था कि उसके युद्धपोत इन हमलों से बच गए।

ईरान का अमेरिकी जहाजों और टैंकरों पर पलटवार

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि अमेरिकी हमले के जवाब में उसकी नौसेना ने फारस की खाड़ी में दो अमेरिकी जहाजों और आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे 10 अन्य जहाजों को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया। 
ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया कि IRGC नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर एक अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी यानी unmanned submersible को पकड़ लिया। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह अत्याधुनिक तकनीक से लैस अमेरिकी सैन्य उपकरण था, जिसे 2025 में अमेरिकी बेड़े में शामिल किया गया था। ईरान ने इसे ‘युद्ध की ट्रॉफी’ बताया है और कहा कि पकड़े गए उपकरण की तस्वीरें जारी की जाएंगी। 
ईरान ने होर्मुज के ऊपर एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही घटी

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का सबसे बड़ा असर दुनिया के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर दिखाई दे रहा है। मंगलवार को केवल छह कमोडिटी जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरे। एक दिन पहले यह संख्या नौ थी, जबकि पिछले 10 दिनों का औसत करीब 12 जहाज प्रतिदिन रहा है। शिपिंग डेटा के मुताबिक, मंगलवार को छह जहाजों में पांच अंदर की ओर और एक बाहर की ओर गया। इनमें एक पैनामैक्स जहाज और एक इंटरमीडिएट टैंकर शामिल था। हालांकि, ट्रांसपोंडर बंद किए जाने के कारण आंकड़ों में बदलाव संभव है। दूसरे प्रमुख समुद्री मार्ग बाब-अल-मंदेब से मंगलवार को 25 कमोडिटी जहाज गुजरे। इनमें 11 जहाज प्रवेश कर रहे थे और 14 बाहर निकल रहे थे। पिछले 10 दिनों में इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों का औसत करीब 27 प्रतिदिन रहा है।

ईरान के ‘एक्सक्लूजन जोन’ प्रस्ताव को अमेरिका ने ठुकराया

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने होर्मुज के पास जहाजों के लिए एक नए ‘एक्सक्लूजन जोन’ की योजना की बात कही है। व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि जलडमरूमध्य खुला है और अमेरिकी नियंत्रण में है। अमेरिका ने कहा कि उसकी नौसेना ने जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं और गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले टैंकरों की आवाजाही बढ़ेगी। अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरानी बंदरगाहों पर जारी अमेरिकी नाकेबंदी के तहत सोमवार तक 94 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया था और तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया था। दूसरी ओर, ईरान चाहता है कि जहाज होर्मुज से गुजरने के लिए उसके द्वारा निर्धारित मार्ग का इस्तेमाल करें।

ईरान ने टैंकरों को लेकर कुवैत और बहरीन को दी चेतावनी

IRGC नौसेना ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद तेल टैंकरों के चालक दल को तुरंत जहाज छोड़ने की चेतावनी दी। ईरान ने कहा कि इन देशों में अमेरिकी सेनाओं की मौजूदगी है और वे ईरानी जहाजों पर हमलों का समर्थन कर रहे हैं। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित चेतावनी में कहा गया कि चाहे जहाज समुद्र में लंगर डाले हों या बंदरगाह पर खड़े हों, उनके चालक दल को उन्हें छोड़ देना चाहिए। ईरान ने इससे पहले भी कहा था कि अमेरिकी हमलों के जवाब में वह क्षेत्र में तेल टैंकरों को निशाना बना सकता है।

हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी सऊदी अरब में हमले किए

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को दक्षिणी सऊदी अरब के चार शहरों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, अबहा, खमिस मुशैत, नजरान और जिजान में नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया गया और 73 लोग घायल हुए। हूतियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी क्षेत्र के भीतर व्यापक सैन्य अभियान चलाया। उनके मुताबिक, खमिस मुशैत में सऊदी एयरबेस और अबहा, नजरान तथा जिजान में सऊदी तेल कंपनी अरामको से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने नजरान और जिजान प्रांतों तथा अबहा शहर के लिए संभावित खतरे की चेतावनी जारी की, जिसे कुछ समय बाद वापस ले लिया गया। हूतियों के हमलों के बाद सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा कि सऊदी अरब अपनी रक्षा के लिए सभी उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हूतियों के साथ कूटनीति का रास्ता खुला है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों में हूती हमलों की निंदा की और कहा कि लेबनान सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। कतर, कुवैत और बहरीन तथा खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी हमलों की निंदा की और सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई।
इसके बीच हूती-नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, मंगलवार को सऊदी अरब ने यमन के मारिब प्रांत में चार हवाई हमले किए।

ईरान का नया बैलिस्टिक मिसाइल दावा

ईरानी सरकारी मीडिया ने नए बैलिस्टिक मिसाइल ‘कासेम बसीर’ को ईरान की सैन्य रणनीति में बदलाव का संकेत बताया है। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान अब किसी खतरे के सामने आने का इंतजार नहीं करेगा बल्कि खतरे के पैदा होने से पहले भी कार्रवाई कर सकता है। मोहसेन रेजाई ने दावा किया कि इस मिसाइल का परीक्षण अमेरिकी युद्धपोत के खिलाफ किया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जिस हथियार का परीक्षण किया गया था, वह वास्तव में कासेम बसीर ही था या नहीं। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस मिसाइल की मारक क्षमता कम से कम 1,200 किलोमीटर है और इसमें करीब आधा टन का वारहेड ले जाने की क्षमता है। इसे पिछले वर्ष सार्वजनिक किया गया था।

परमाणु कार्यक्रम पर IAEA की चिंताः अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा है कि वह एक साल से अधिक समय से ईरान के परमाणु पदार्थों और प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठानों की स्थिति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पा रही है। IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को बताया कि ईरान ने नवीनतम रिपोर्टिंग अवधि में अपने घोषित परमाणु पदार्थों और सुविधाओं की स्थिति के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। निरीक्षक भी कई अहम स्थानों पर जाकर सत्यापन नहीं कर पाए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ईरान के परमाणु मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भेजने के लिए दबाव बना रहे हैं।

ईरान में पेट्रोल महंगा

युद्ध के बीच ईरान ने ज्यादा पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए कीमत बढ़ा दी है। यह दिसंबर के बाद दूसरी वृद्धि है। नई व्यवस्था के तहत महीने में 110 लीटर से अधिक पेट्रोल खरीदने वालों को अब प्रति लीटर 100,000 रियाल देने होंगे, जो दिसंबर से लागू कीमत से दोगुना है। ईरानी सरकार ने कहा है कि कीमत बढ़ने से मिलने वाली अतिरिक्त राशि परिवारों को दी जाएगी। ईरान में पेट्रोल की कीमत अभी भी दुनिया की सबसे कम कीमतों में शामिल है, लेकिन युद्ध और आर्थिक दबाव के बीच मुद्रा की कीमत में गिरावट और लोगों की क्रय शक्ति में कमी दर्ज की जा रही है। सोमवार को एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 22.2 लाख ईरानी रियाल बताई गई।

अमेरिका में युद्ध की लागत पर सवाल

अमेरिकी डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध पर अमेरिका अब तक 100 अरब डॉलर खर्च कर चुका है और हर दो मिनट में करीब 10 लाख डॉलर अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं। उन्होंने युद्ध को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया ‘युद्ध का विकल्प’ बताते हुए कहा कि इसके लिए कोई स्पष्ट योजना, रणनीति या सहयोगी नहीं हैं और इससे बाहर निकलने का भी रास्ता स्पष्ट नहीं है। वार्नर ने यह भी कहा कि युद्ध के बीच अमेरिका में पेट्रोल की कीमत चार डॉलर तक पहुंच गई है और डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर है।

खाड़ी देशों की चिंता

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी एक देश का नियंत्रण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा निर्यात, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को किसी के हाथों बंधक नहीं बनाया जा सकता। अरब लीग के महासचिव नबील फहमी ने भी कहा कि क्षेत्र के समुद्री मार्गों को दूसरे देशों की रणनीतिक गणनाओं में सौदेबाजी का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। कतर के प्रधानमंत्री और चीन के विदेश मंत्री ने भी बीजिंग में हुई बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन सुरक्षा पर चर्चा की। दक्षिण कोरिया ने भी जलडमरूमध्य की सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए एक टीम भेजी है।

तेहरान में मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं शेल्टर

तेहरान शहर प्रशासन ने मेट्रो स्टेशनों को आपात स्थिति में शेल्टर के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू कर दी है। तेहरान सिटी काउंसिल के चेयरमैन मेहदी चमरण के अनुसार, स्टेशनों के अंदर या आसपास जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित शेल्टरों की पहचान के लिए संकेत लगाए जाएंगे और लोगों को पहले से यह जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए कि आपात स्थिति में उन्हें कहां जाना है।

अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मंगलवार को ईरान से जुड़े नए प्रतिबंधों की घोषणा की। इसमें एक व्यक्ति और 30 से अधिक संस्थाओं को निशाना बनाया गया है। प्रतिबंधों की सूची में कुछ एयरलाइंस भी शामिल हैं। इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ईरान की गतिविधियों को लेकर कनाडा की आलोचना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कनाडा पर अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई और प्रतिबंधों का समर्थन करने का आरोप लगाया।

समुद्री जहाज पर हमले में दो की मौत, सात लापता

पिछले सप्ताह सऊदी अरब के स्वामित्व वाले एक तेल टैंकर पर हुए हमले में दो चालक दल के सदस्यों की मौत हुई थी और सात अन्य लापता हैं। यदि लापता लोगों को मृत घोषित किया जाता है तो यह युद्ध शुरू होने के बाद किसी वाणिज्यिक जहाज पर सबसे घातक हमला होगा। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी दबाव बढ़ रहा है।