ईरान ने कई देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। ईरान ने अधिकृत तौर पर बताया है कि कतर में अल-उदैद वायु सेना बेस, कुवैत में अल-सलेम वायु सेना बेस, संयुक्त अरब अमीरात में अल-धाफरा वायु सेना बेस और बहरीन में पांचवें अमेरिकी हवाई अड्डे पर मिसाइलें गिराई गई हैं। सोशल मीडिया पर अबू धाबी, बहरीन, कुवैत से लोग ईरानी हमले की फोटो शेयर कर रहे हैं।
एएफपी ने कहा है कि सऊदी अरब की राजधानी रियाध में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें गिरी हैं। इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में ईरान से दागी गई कई मिसाइलों को रोके जाने के बाद कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह जानकारी देश की सरकारी समाचार एजेंसी ने दी है। संयुक्त अरब अमीरात ने कहा, "यह हमला राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन है।" उसने आगे कहा, "वह इस स्थिति का जवाब देने का पूरा अधिकार रखता है।"

ईरान का बयान

ईरान का कहना है कि हमारे सशस्त्र बल 'आक्रमणकारियों को उनके कृत्यों पर पछतावा कराने' के लिए 'पूरी तरह से तैयार' हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि आज (शनिवार) सुबह इसराइली हमलों ने देश की "क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता को निशाना बनाया है, जिसमें देश भर के विभिन्न शहरों में रक्षात्मक बुनियादी ढांचे और गैर-सैन्य ठिकाने शामिल हैं।"


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मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "अमेरिका और ज़ायोनी शासन द्वारा ईरान के खिलाफ नए सिरे से की गई सैन्य आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान इस आक्रामकता को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का स्पष्ट उल्लंघन मानता है और इस बात पर जोर देता है कि वह निर्णायक जवाब देने के अपने वैध अधिकार को सुरक्षित रखता है।"
बयान में आगे कहा गया है, "ईरानी राष्ट्र ने हमेशा तनाव को रोकने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए धैर्य और संयम दिखाया है," और कहा कि सशस्त्र बल "देश की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और आक्रमणकारियों को उनके कृत्यों पर पछतावा कराएंगे।"

बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हमले "सशस्त्र आक्रामकता का स्पष्ट उदाहरण" हैं और ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार के बारे में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला दिया गया। ईरान ने कहा कि “इतिहास गवाह है कि ईरानियों ने कभी भी आक्रमण के आगे आत्मसमर्पण नहीं किया है। इस बार भी ईरान की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी और आक्रमणकारी अपने शत्रुतापूर्ण कार्यों पर पछताएंगे।”

रूस का कड़ा बयान

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सहयोगी और वर्तमान में रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिका पर ईरान के साथ परमाणु वार्ता को सैन्य अभियानों से पहले एक आवरण के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। मेदवेदेव ने टेलीग्राम पर कहा, "शांतिदूत ने एक बार फिर अपना असली रंग दिखा दिया है।" "ईरान के साथ सभी बातचीत एक कवर अभियान हैं। इस पर किसी को कोई संदेह नहीं था। वास्तव में कोई भी किसी बात पर सहमत नहीं होना चाहता था।"