ईरान पर यूएस-इसराइल के हमले का तीसरा हफ्ता चल रहा है लेकिन कहीं से युद्ध रुकने के आसार नहीं हैं। इसराइल ने शुक्रवार को ईरानी सेना के प्रवक्ता की मिसाइल हमले के ज़रिए कर दी। ईरान ने भी इसराइल की हाइफा रिफाइनरी और कुवैत की रिफाइनरी पर फिर से हमले किए हैं। यरुशलम में ऐतिहासिक अल अक्सा मसजिद में जुमे को नमाज़ नहीं हो पाई। ऐसा 60 साल में पहली बार हुआ। हालांकि इस बार ईद बेहद सादगी से मनाई जा रही है, लेकिन जब वहां लोग जमा हुए तो इसराइली पुलिस ने उन्हें रोका, आंसू गैस के गोले छोड़े और बैटन बरसाए। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत में भी लोगों को सार्वजनिक स्थल पर नमाज़ पढ़ने पर रोक लगा दी गई। ईरान में ईद कुछ स्थानों पर मनाई जा रही है लेकिन पूरा देश शोक में डूबा हुआ है।

ईरान युद्ध का असरः भारत में प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपये 35 पैसे महंगा

ईरान युद्ध का असर भारत में ईंधन की कीमतों पर दिखाई देना शुरू हो गया है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में ₹2.35 की बढ़ोतरी हुई।एएनआई समाचार एजेंसी के अनुसार, बीपीसीएल की स्पीड, एचपीसीएल की पावर और आईओसीएल की एक्सपी95 की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि आम जनता प्रभावित नहीं होगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनबी) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, "एलपीजी की स्थिति चिंताजनक हो सकती है, लेकिन अभी उस स्तर पर नहीं है कि हम घरेलू उपभोक्ताओं को आपूर्ति न कर सकें। हम जहां से भी संभव हो, कार्गो की खरीद कर रहे हैं।" सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि "शीर्ष 15 भौगोलिक क्षेत्रों में 13,700 एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं।"

अल अक्सा मसजिद बंद किया

यरूशलम की अल-अक्सा मसजिद शुक्रवार को बंद रही, जो 1967 के बाद पहली बार है जब ईद के दौरान इस मसजिद को बंद किया गया है। ईरान युद्ध की शुरुआत में इसराइली अधिकारियों ने "सुरक्षा कारणों" से मसजिद को बंद कर दिया था। शुक्रवार को भी मसजिद के गेट बंद रहे, जिससे नमाजियों को मसजिद के पवित्र परिसर के जितना संभव हो सके करीब जाकर नमाज अदा करनी पड़ी। फिलिस्तीन में चर्च मामलों की उच्च राष्ट्रपति समिति ने कहा, "इस अभूतपूर्व प्रतिबंध ने हजारों फिलिस्तीनियों को इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक में साल के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों में से एक को मनाने से वंचित कर दिया है।"

ईरानी सेना के प्रवक्ता की हत्या

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरानी सेना आईआरजीसी के प्रवक्ता मेजर जनरल अली मोहम्मद नैनी की हत्या कर दी गई है।
सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) ने शुक्रवार को नैनी की मृत्यु की सूचना दी। इसराइल सेना ने बताया कि नैनी रात भर चले हवाई हमले में मारे गए।
नैनी की हत्या की खबर उनके अमेरिका और इसराइल के खिलाफ दिए गए बयानों के स्थानीय मीडिया में प्रकाशित होने के कुछ घंटों बाद आई। "हमारी मिसाइल इंडस्ट्री को पूरे अंक मिलने चाहिए... और इस संबंध में कोई चिंता की बात नहीं है, क्योंकि युद्ध की स्थिति में भी हम मिसाइल उत्पादन जारी रखते हैं।" उनकी हत्या की खबर आने से कुछ घंटे पहले उन्होंने यह बात कही थी।
इस सप्ताह ईरान सरकार और सैन्य नेतृत्व को यह चौथा बड़ा झटका लगा है। ईरान ने हमलों में तीन अन्य शीर्ष अधिकारियों - अली लारीजानी, गुलामरेज़ा सुलेमानी और इस्माइल खतीब - को खो दिया है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इसराइल के हमलों के बाद शुरू हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों में इस सप्ताह तेज वृद्धि देखी गई, जब इसराइल ने दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया और ईरान ने कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी संयंत्र - रास लाफान सुविधा - को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की।

पूरी दुनिया में इसराइली-अमेरिकी अधिकारी सुरक्षित नहींः ईरान

ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने शुक्रवार को अमेरिकी और इसराइली अधिकारियों को चेतावनी जारी की। रॉयटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी अधिकारियों की हत्या के बाद अमेरिकी और इसराइली अधिकारी "दुनिया भर के रिसॉर्ट्स और पर्यटन केंद्रों" में सुरक्षित नहीं हैं।

स्विटरजरलैंड का बड़ा फैसलाः अमेरिका को हथियार सप्लाई रोकी

इसराइल-अमेरिकी युद्ध में अपनी तटस्थता का हवाला देते हुए स्विट्जरलैंड ने संयुक्त राज्य अमेरिका को हथियार निर्यात की मंजूरी रोक दी है। शुक्रवार को जारी एक बयान में सरकार ने कहा, "ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष में शामिल देशों को युद्ध सामग्री का निर्यात संघर्ष की अवधि के दौरान अधिकृत नहीं किया जा सकता है।" बयान में आगे कहा गया, "अमेरिका को युद्ध सामग्री का निर्यात फिलहाल अधिकृत नहीं किया जा सकता है।"

ईरान पर तेल प्रतिबंध हटेगा, एशिया को कुछ दिनों में सप्लाई मिलेगी

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटाने से एशिया को तीन-चार दिनों के भीतर आपूर्ति मिल जाएगी। वित्तीय सचिव स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को कहा था कि अमेरिका जल्द ही समुद्र में टैंकरों में फंसे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है। क्योंकि वाशिंगटन ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के कारण आसमान छू रही कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। राइट ने फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "तीन-चार दिनों के भीतर, वह तेल बंदरगाहों पर पहुंचना शुरू हो जाएगा।"

ईरान के अरागची ने नेतन्याहू को वॉर क्रिमिनल कहा

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने शुक्रवार को इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तीखा हमला करते हुए ईसा मसीह के बारे में उनकी विवादास्पद टिप्पणियों का हवाला देते हुए ईसाइयों के प्रति उनके रुख पर सवाल उठाया। अरागची ने X पर लिखा, "अमेरिका में ईसाइयों की सद्भावना पर इतना निर्भर रहने वाले व्यक्ति के लिए ईसा मसीह के प्रति नेतन्याहू का खुला तिरस्कार उल्लेखनीय है।" उन्होंने कहा कि नेतन्याहू द्वारा "हमारे क्षेत्र के सबसे क्रूर हत्यारे चंगेज खान की बेलगाम प्रशंसा, एक वांछित युद्ध अपराधी के रूप में उनकी वर्तमान स्थिति से मेल खाती है।" अरागची की ये टिप्पणियां एक दिन पहले इसराइली प्रधानमंत्री द्वारा ईरान के साथ चल रहे अमेरिका-इसराइल युद्ध के बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियों के बाद आईं, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इतिहासकार विल ड्यूरेंट का हवाला देते हुए नेतन्याहू ने कहा, "यीशु मसीह को चंगेज खान पर कोई बढ़त नहीं है। यदि आप पर्याप्त रूप से मजबूत, पर्याप्त रूप से निर्दयी और पर्याप्त रूप से शक्तिशाली हैं, तो बुराई अच्छाई पर विजय प्राप्त कर लेगी।"

ईरान ने हाइफा और कुवैत की रिफाइनरियों पर हमले किए

ईरान ने इसराइल के हाइफा शहर में स्थित बाज़ान (Bazan) तेल रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने हाइफा और अशदोद की रिफाइनरियों सहित सुरक्षा और सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमले किए। इसराइल के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, हमले से धुआं उठा और कुछ बाहरी बुनियादी ढांचे को हल्की क्षति पहुंची, लेकिन यह “महत्वपूर्ण” नहीं थी और कोई हताहत नहीं हुआ। रिफाइनरी का अधिकांश उत्पादन जारी रहा, हालांकि कुछ बिजली कटौती और मलबे की रिपोर्ट आई।
इसी अवधि में ईरान ने कुवैत के प्रमुख तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले किए, जिसमें मिना अल-अहमदी और मिना अब्दुल्ला रिफाइनरियां शामिल थीं। कुवैत न्यूज एजेंसी और कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने पुष्टि की कि हमलों से आग लगी और कुछ उत्पादन यूनिट्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। मिना अल-अहमदी, जो देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक है (730,000 बैरल प्रतिदिन क्षमता), पर हमले से सीमित आग लगी, लेकिन कोई चोट या हताहत नहीं रिपोर्ट हुआ। ये हमले गल्फ क्षेत्र में ईरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई का हिस्सा थे।

ये हमले इसराइल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में किए गए और इन्होंने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतें बढ़ गईं, जबकि इसराइल और कुवैत ने क्षति का आकलन शुरू कर दिया। दोनों जगहों पर कोई बड़ी लंबी अवधि की रुकावट नहीं बताई गई, लेकिन क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और ईरान ने इसे “सटीक जवाब” करार दिया।

कतर के एलएनजी प्लांट को फिर शुरू होने में 5 साल लगेंगे

कतर एनर्जी के अनुसार, ईरानी मिसाइल हमलों के कारण कतर की द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) निर्यात क्षमता में 17% की कमी आई है। कंपनी ने कहा, "हमारे उत्पादन प्लांटों को व्यापक नुकसान हुआ है, जिसकी मरम्मत में पांच साल तक का समय लग सकता है।" कंपनी ने आगे कहा कि इसके परिणामस्वरूप यूरोप और एशिया के बाजारों में आपूर्ति प्रभावित होगी। ईरान ने बुधवार को कतर एनर्जी के रास लाफान एलएनजी प्लांट, पर जवाबी हमला किया था। कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के अध्यक्ष और सीईओ, साद शेरिदा अल-काबी ने पोस्ट में कहा कि हमलों में कोई घायल नहीं हुआ है। उन्होंने इन हमलों को "वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता पर अनुचित और संवेदनहीन हमले" बताया। अल-काबी ने कहा कि चीन, दक्षिण कोरिया, इटली और बेल्जियम को निर्यात प्रभावित होगा। उन्होंने आगे कहा, “हमें कुछ दीर्घकालिक एलएनजी अनुबंधों पर पांच साल तक के लिए अप्रत्याशित परिस्थितियों (फोर्स मेज्योर) की घोषणा करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।”