अजीबोगरीब बयान देने के लिए जाने जाते रहे डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में नाटो से मदद नहीं मिलने पर अपने ही इस संगठन को कायर और 'कागजी शेर' कहा है। ट्रंप ने नाटो पर नाराज़गी जतायी क्योंकि इसने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका की बात नहीं मानी। ट्रंप खासकर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में मदद चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान में अब बातचीत करने के लिए कोई नेता बचा नहीं है।
ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में लिखा कि अमेरिका के बिना नाटो सिर्फ एक कागजी शेर है! उनके कहने का मतलब है कि नाटो बाहर से डरावना लगता है, लेकिन अंदर से कमजोर और बेकार है। उन्होंने यह भी कहा कि नाटो परमाणु हथियार वाला ईरान रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहता था।
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हम इसे याद रखेंगे: ट्रंप

ट्रंप ने कहा, 'अब हमारी सेना ने वो लड़ाई लगभग जीत ली है, और अब उनके लिए बहुत कम ख़तरा है। फिर भी वे शिकायत कर रहे हैं कि तेल की कीमतें बहुत ज्यादा हो गई हैं, जिन्हें उन्हें चुकानी पड़ रही हैं। लेकिन वे हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने में मदद नहीं करना चाहते। ये एक आसान सैन्य काम है और यही एकमात्र वजह है कि तेल की कीमतें इतनी ऊंची हैं। उनके लिए ये करना बहुत आसान है, और खतरा भी बहुत कम है। वे कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे!'

ट्रंप ने बार-बार कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा उन देशों को करनी चाहिए जो इसका इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि अमेरिका को इसकी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध में बहुत कुछ हासिल कर लिया है।

युद्ध से दुनिया भर के बाज़ार हिल गये

यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर अचानक हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई सहित कई बड़े नेता मारे गए। ईरान ने जवाबी हमले किए, जिससे हजारों लोग मारे गए और दुनिया भर में बाजार हिल गए। होर्मुज जलडमरूमध्य अब लगभग बंद हो गया है। यहाँ से दुनिया का बहुत सारा तेल गुजरता है। ईरान के कारण जहाजों की आवाजाही रुक गई है, जिससे तेल की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं।
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ट्रंप ने कहा कि ईरान में अब कोई नेता नहीं बचा है जिससे युद्ध रोकने या सीजफायर की बात की जा सके। सैन्य हमले अभी भी जारी हैं।

यूरोपीय देश क्या करेंगे?

दूसरी तरफ़, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, जापान और कनाडा ने गुरुवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयास में शामिल होंगे।

संघर्ष में शामिल होने की किसी की इच्छा नहीं सुनी: मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के सम्मेलन के बाद कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा करना और तनाव कम करना सबसे अच्छा काम है। उन्होंने कहा, 'मैंने यहां किसी को भी इस संघर्ष में शामिल होने की इच्छा नहीं सुनी, बल्कि इसके उलट बातें सुनीं।'

नाटो की दलील क्या?

ट्रंप के इस बयान से लगता है कि अमेरिका अब नाटो पर ज्यादा दबाव डाल रहा है। वह चाहते हैं कि सहयोगी देश युद्ध के बाद की स्थिति संभालें, खासकर होर्मुज की सुरक्षा। लेकिन कई नाटो देश कहते हैं कि उन्हें युद्ध शुरू करने से पहले कोई सलाह नहीं दी गई थी, इसलिए वे सीधे लड़ाई में नहीं उतरना चाहते।
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यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा रहा है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। दुनिया भर में इस युद्ध के खत्म होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने का इंतजार है। वैसे, ट्रंप ने अब युद्ध से बाहर निकलने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका ईरान के ख़िलाफ़ चल रहे युद्ध में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के बेहद क़रीब पहुँच गया है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अब अपनी सैन्य कार्रवाई को कम करने या ख़त्म करने की सोच रहा है।