डोनाल्ड ट्रंप ने अब दावा किया है कि ईरान उनकी 'हत्या की साजिश' रच रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते हमले और तनाव के बीच ट्रंप ने यह बात कही है। ईरान पर बड़े पैमाने पर हमलों के बीच ट्रंप ने ईरान पर और हमले की धमकी दी तो ईरान ने भी तीखा जवाब दिया है और कहा है कि उसकी 'उंगली ट्रिगर पर है'। ईरान ने चेताया है कि यदि उस पर हमला हुआ तो वह तुरंत जवाब देगा। इस बीच आठ ईरानी सैनिकों के बारे जाने पर तेहरान ने कहा है कि 'कोई भी अमेरिकी सैनिक ज़िंदा नहीं लौटेगा'। दोनों देशों के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप और सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया में नई चिंता पैदा कर दी है। 

ट्रंप बोले- मैं ईरान की 'हिट लिस्ट' में हूं

तुर्किये के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिकी नेतृत्व को निशाना बनाना चाहता है। ट्रंप ने कहा, 'वे अमेरिका के नेता को खत्म करना चाहते हैं। मैं उनकी हर सूची में हूं। अब तक मेरी किस्मत अच्छी रही है, लेकिन यह हमेशा नहीं रह सकती। वे बुरे और ख़तरनाक लोग हैं और इस कैंसर को ख़त्म करना ज़रूरी है।'
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ट्रंप का यह बयान तब आया है जब अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले किए हैं।

अमेरिका ने फिर किए ईरान पर हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य उन ईरानी कार्रवाइयों का जवाब देना था जिनमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी सेना के मुताबिक हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार स्टेशन, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की 60 से अधिक छोटी नौकाएं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग सुविधाएं को निशाना बनाया गया।

ईरान ने भी किया जवाबी हमला

अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों के अनुसार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली।

कुवैत ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों और 13 ड्रोन को मार गिराया। हालांकि मिसाइलों के मलबे से बिजली की कुछ लाइनें क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है।

ट्रंप बोले- ईरान के साथ समझौता खत्म

ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि उनके अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम युद्धविराम समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह समझौता खत्म हो चुका है। मैं अब उनके साथ कोई बातचीत नहीं करना चाहता। वे झूठे हैं और उनके साथ समय बर्बाद करने का कोई मतलब नहीं है।'

ट्रंप ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों, जल शोधन संयंत्रों और अन्य रणनीतिक ढांचे को निशाना बना सकता है। इतना ही नहीं, ट्रंप ने यह तक कहा, 'शायद हम खार्ग द्वीप पर भी कब्जा कर लें। वे इसे रोक नहीं पाएंगे।'

ईरान का जवाब- 'हमारी उंगली ट्रिगर पर है'

ट्रंप की धमकी के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर विलायती ने ट्रंप के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'अमेरिका ने युद्धविराम समझौते को खत्म करने की बात स्वीकार कर पूरे क्षेत्र को फिर आग की ओर धकेल दिया है।'

उन्होंने आगे कहा, 'हम पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि यह क्षेत्र राजनीतिक जुए का मैदान नहीं है। हमारी उंगली ट्रिगर पर है और हम किसी भी अपमान या दुस्साहस का जवाब चुप रहकर नहीं देंगे।'

तेल बाजार में बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ने से वैश्विक शेयर बाजारों पर दबाव देखा गया। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है, इसलिए वहां बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है।

संकट बढ़ेगा या वार्ता से समाधान होगा?

जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम ने पिछले महीने हुए युद्धविराम को लगभग निष्प्रभावी बना दिया है। यदि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जल्द शुरू नहीं होती तो पश्चिम एशिया में एक बार फिर व्यापक सैन्य टकराव की आशंका बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति, ऊर्जा बाजार और विश्व अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।