लगातार बयान बदलने और बड़बोलेपन के लिए पहचाने जाने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान को बेहद सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान जल्दी से सीजफायर नहीं मानता और होर्मुज स्ट्रेट को दुनिया के जहाजों के लिए तुरंत नहीं खोलता है तो अमेरिका ईरान के बिजली बनाने वाले प्लांट, तेल के कुएं, खार्ग द्वीप और पानी बनाने वाले प्लांट को पूरी तरह तबाह कर देगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला बताया। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका ईरान के साथ गंभीर चर्चा कर रहा है। उन्होंने ईरान में 'नई, ज्यादा समझदार सरकार' की बात की। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई तो बड़े हमले होंगे। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "अगर डील जल्दी नहीं हुई… और होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत ‘बिजनेस के लिए खुला’ नहीं हुआ तो हम उनके बिजली प्लांट, तेल कुएं और खार्ग द्वीप को पूरी तरह उड़ा देंगे।”

ट्रंप का इंटरव्यू: खार्ग द्वीप पर कब्जा भी संभव

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है और डील काफी जल्दी हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान से सीधे और अप्रत्यक्ष दोनों तरीके से बात कर रहा है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है। यह द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। ट्रंप बोले, 'शायद हम खार्ग द्वीप ले लें, शायद नहीं… हमारे पास कई विकल्प हैं।'
इधर, ईरान सरकार ने सीधे बातचीत से इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने कहा कि अमेरिका से 15 सूत्री प्रस्ताव मिला है, लेकिन बातचीत सिर्फ अप्रत्यक्ष है। 

ईरानी नेता पाकिस्तान में प्रस्तावित बातचीत को अमेरिका की मध्य पूर्व में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने और तैयारी का मौक़ा पाने की साजिश बता रहे हैं।

युद्ध और बढ़ रहा है

पश्चिम एशिया में लड़ाई दिन-प्रतिदिन तेज हो रही है। कोई शांति के संकेत नहीं दिख रहे। ईरान ने क्षेत्र में ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर नए हमले किए। कुवैत में बिजली और पानी बनाने वाले प्लांट पर हमले में एक मजदूर की मौत हो गई और कई घायल हुए। सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में मिसाइल हमलों की धमकी मिली, जहां एयर डिफेंस ने कुछ मिसाइलों को रोक लिया।
इसराइल में हाइफा के तेल रिफाइनरी में आग लग गई। न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास सायरन बजे। इसराइली सेना ने तेहरान और तबरेज में ईरानी ठिकानों पर नए एयरस्ट्राइक किए। लड़ाई अब लेबनान और यमन तक फैल गई है। लेबनान में इसराइल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ जमीनी कार्रवाई तेज कर दी है। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोही भी लड़ रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा विवाद क्यों?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का बेहद अहम रास्ता है। यहां से दुनिया का पांचवां हिस्सा यानी क़रीब 20% तेल गुजरता है। अगर यह बंद रहा तो पूरी दुनिया में तेल की कमी हो सकती है। ट्रंप के ताज़ा बयान के बाद ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। संघर्ष शुरू होने से अब तक तेल की कीमत में करीब 60% की बढ़ोतरी हुई है। इससे पूरी दुनिया में महंगाई और ऊर्जा संकट का खतरा बढ़ गया है।
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि खार्ग द्वीप पर कब्जा करना बहुत खतरनाक होगा, क्योंकि अमेरिकी सेना को ईरानी मिसाइलों, ड्रोन और तोपों की रेंज में आना पड़ेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैनिक उसके क्षेत्र में उतरे तो वह फारस की खाड़ी में माइन्स बिछा देगा और पड़ोसी देशों पर हमले बढ़ा देगा।

मौत का आंकड़ा बढ़ा

ईरानी अधिकारियों के अनुसार ही ईरान में 1900 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इसराइल में कम से कम 19 मौतें हुई हैं। लेबनान में 1200 से ज्यादा मौत और 10 लाख से ज्यादा लोगों के बेघर होने की ख़बर है। अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हुई है। अन्य खाड़ी देशों और इराक में भी मौतें हुई हैं। इधर, स्पेन ने इस संघर्ष से जुड़े अमेरिकी सैन्य उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।

आगे की राह मुश्किल?

ट्रंप एक तरफ डील की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ बहुत सख्त चेतावनी दे रहे हैं। ईरान इन धमकियों को गंभीरता से ले रहा है। दुनिया भर के नेता इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जानकारों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा या खार्ग द्वीप पर हमला हुआ तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ेगा। अभी स्थिति बहुत तनावपूर्ण है। कोई भी गलत कदम बड़े पैमाने पर युद्ध को और भड़का सकता है। आने वाले कुछ दिनों में बातचीत का नतीजा या नया हमला, दोनों संभावनाएँ बनी हुई हैं।