वेनेजुएला के बाद अब ईरान पर अमेरिका हमला कर सकता है। ईरान में आर्थिक संकट और वहां की मुद्रा के गिरने के बाद तमाम शहरों में जबरदस्त प्रदर्शन हो रहे हैं। खबरों के मुताबिक इन्हीं प्रदर्शनों की आड़ लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई और यूएस राष्ट्रपति ट्रंप
अमेरिका अब ईरान पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस तरह की खबरें इंटरनेशनल मीडिया में हैं। ईरान में आर्थिक संकट के कारण शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं। महंगाई की बढ़ती दर और ईरानी रियाल के मूल्य में भारी गिरावट से जनता में गुस्सा भड़क उठा है। ईरान के 250 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों दावा है कि अब तक कम से कम 35 लोग मारे गए हैं और 1,200 से अधिक गिरफ्तार किए गए हैं।
अमेरिकी दखल की संभावना कितनी?
हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को जबरन हटा दिया और उन्हें पकड़कर यूएस ले जाया गया है। जहां उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है। ईरान में भी वेनेजुएला जैसे हस्तक्षेप की चर्चाएं जोरों पर हैं। इसराइली अखबार जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इसराइली अधिकारियों के बीच ईरान में हो रहे प्रदर्शनों पर विचार-विमर्श चल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वाशिंगटन कुछ टारगेट हमले पर विचार कर रहा है ताकि प्रदर्शनकारियों को सत्ता परिवर्तन में मदद मिल सके।
इसके अलावा, इसराइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने सोशल मीडिया पर ईरानी प्रदर्शनकारियों को समर्थन का संदेश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी है कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को कुचलता है, तो अमेरिका उनकी मदद करेगा। ट्रंप ने लिखा, "अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है या हिंसा करता है, जो उनकी आदत है, तो अमेरिका उनकी रक्षा करेगा। हम तैयार हैं।"
क्या खामनेई ईरान छोड़ेंगे?
ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच, ब्रिटिश अखबार द टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के पास 'प्लान बी' है। अगर सुरक्षा बल प्रदर्शनों को नहीं रोक पाते या उनका साथ छोड़ देते हैं, तो 86 वर्षीय खामनेई अपने परिवार और करीबी सहयोगियों (करीब 20 लोगों) के साथ तेहरान से छोड़ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, उनका संभावित मंज़िल मॉस्को हो सकती है। यह योजना सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की तरह है, जो दिसंबर 2024 में सत्ता से हटने के बाद मॉस्को भाग गए थे। लेकिन यहां यह बताना ज़रूरी है कि जब पिछले दिनों ईरान-इसराइल संघर्ष हुआ था, तब भी इस तरह की खबरें उड़ी थीं। उस समय तक पश्चिमी मीडिया ने यह भी दावा किया था कि खामनेई एक बंकर में छिपे हुए हैं। लेकिन यह सारी खबरें फर्जी साबित हुईं, अंत में अमेरिका ने दखल देकर ईरान-इसराइल युद्ध रुकवाया। उस संघर्ष में इसराइल को काफी नुकसान हुआ। ईरान को भी कम नुकसान नहीं हुआ, लेकिन उसने अपने परमाणु ठिकानों को समय रहते शिफ्ट कर लिया था।
ईरान में प्रदर्शन जारी
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, मारे गए लोगों में 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और दो सुरक्षा बल के सदस्य शामिल हैं। प्रदर्शन आर्थिक मुद्दों से शुरू हुए थे, लेकिन अब सत्ता परिवर्तन की मांग तक पहुंच गए हैं। कई जगहों पर "न ग़ज़ा, न लेबनान, मेरी जान सिर्फ ईरान के लिए" जैसे नारे लग रहे हैं। हालांकि जहां एक तरफ ईरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं शिराज़, तेहरान, किरमान, मशहद आदि में ईरान सरकार के समर्थन में भी प्रदर्शन हुए हैं।
ईरान सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाए हैं और सुरक्षा बलों को तैनात किया है। हालांकि, प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर रखे हुए है, और अमेरिकी हस्तक्षेप की आशंकाएं बढ़ रही हैं।