सऊदी अरब की राजधानी रियाद के पास किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 309 लोग घायल हो गए। सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने कहा है कि घायलों में कुछ की हालत गंभीर है और उनका अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में चार सऊदी नागरिक और दो बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के एक-एक नागरिक की भी मौत हुई है।
हमले में संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन करने के लिए हवाई अड्डे का संचालन कुछ समय के लिए रोक दिया गया। सऊदी अरब के मुताबिक यमन के हूती विद्रोहियों ने राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस सप्ताह तीसरी बार हमला किया। हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने इसे युद्ध अपराध बताया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सऊदी अरब के साथ हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा है।

गुरुवार के हमले में भी तीन लोगों की मौत हुई थी

सऊदी अरब की नागरिक उड्डयन एजेंसी के मुताबिक, गुरुवार को भी इसी हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों ने हमला किया था। उस हमले में कम से कम तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें एक पायलट भी शामिल था।
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इससे पहले सऊदी अरब ने दावा किया था कि हूती हमलों में अबहा और किंग खालिद हवाई अड्डों पर तीन नागरिकों की मौत हुई और 36 लोग घायल हुए। गुरुवार को हूती विद्रोहियों ने भी दावा किया था कि उन्होंने रियाद के हवाई अड्डे की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। संगठन ने कहा था कि मिसाइल ने अपने निर्धारित लक्ष्य को निशाना बनाया, जिससे नुकसान हुआ और हवाई यातायात प्रभावित हुआ।शनिवार के हमले के बाद हूती मीडिया कार्यालय के प्रमुख ने एक्स पर दावा किया कि संगठन ने रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद करा दिया है।

हमले का निर्णायक जवाब देंगे: सऊदी गठबंधन

यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हवाई अड्डे पर हमले को ‘युद्ध अपराध’ बताया है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि इस हमले का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जवाब अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के प्रचलित नियमों के अनुरूप होगा।

इन हमलों के बीच सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष और तेज हो गया है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के प्रति वफादार सेनाएं हूती विद्रोहियों से देश पर नियंत्रण हासिल करने के लिए लड़ रही हैं।

सऊदी अरब यमन सरकार के समर्थन में हवाई हमले कर रहा है। सऊदी पक्ष ने हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाकों में सैकड़ों हवाई हमले करने की बात कही है। इन हमलों में यमन की राजधानी सना को भी निशाना बनाया गया है।

सऊदी हवाई क्षेत्र सैन्य अभियान क्षेत्र: हूती

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को सैन्य अभियान क्षेत्र घोषित करते हुए एयरलाइनों से वहां उड़ान न भरने की अपील की है। संगठन ने कहा है कि मक्का और मदीना के ऊपर के क्षेत्र को छोड़कर वहां संचालित होने वाला कोई भी विमान उसके निशाने पर हो सकता है। यह घोषणा यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की ओर से सोमवार को हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद की गई। हूतियों के इस रुख से क्षेत्र में नागरिक विमानन और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। रियाद हवाई अड्डे पर लगातार हमलों और उसके संचालन को अस्थायी रूप से रोकने से अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है।

हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा हूँ: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा है। वॉशिंगटन डीसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस विकल्प पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें हालिया हमले की जानकारी अभी मिली है और इस पर फैसला लिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के सैनिक अच्छा लड़ते हैं, लेकिन हवाई अड्डे पर हुआ हमला बहुत बुरा था।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हूती विद्रोहियों के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ये हमले निर्दोष नागरिकों की जिंदगी के प्रति पूरी तरह से उपेक्षा दिखाते हैं। रुबियो ने पुष्टि की कि रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक अमेरिकी नागरिक की मौत हुई है। हालांकि, ट्रंप के बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई में शामिल होने का फैसला कब तक करेगा या उसकी संभावित भूमिका क्या होगी।

कतर, मिस्र और जॉर्डन ने की हमले की निंदा

रियाद हवाई अड्डे पर हमले के बाद कई देशों ने सऊदी अरब के प्रति समर्थन जताया है। कतर ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि वह इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है। मिस्र, जॉर्डन और ओमान ने भी इस घटना पर दुख जताया और सऊदी अरब के साथ एकजुटता व्यक्त की।
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इस बीच रियाद में स्थित कई विदेशी दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी चेतावनी जारी की। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड और कनाडा के दूतावास शामिल हैं। अमेरिकी मिशन ने कहा कि उसे किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमलों की जानकारी है। उसने अमेरिकी नागरिकों को हवाई अड्डे और उसके आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी। ब्रिटेन और आयरलैंड के दूतावासों ने अपने नागरिकों को हवाई अड्डे पर हुई गंभीर घटना के बारे में सतर्क किया। कनाडा के दूतावास ने रियाद में रहने वाले अपने नागरिकों से हवाई अड्डे की ओर यात्रा नहीं करने को कहा। उसने इलाके में जारी सैन्य गतिविधियों का हवाला दिया।

यमन संघर्ष का क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

रियाद हवाई अड्डे पर हमले ने यमन के संघर्ष को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। एक ओर सऊदी अरब यमन की मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में हूती ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है, वहीं दूसरी ओर हूती विद्रोही सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दे रहे हैं। इस टकराव में नागरिकों की मौत, हवाई अड्डों का संचालन बाधित होने और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका के संभावित सैन्य हस्तक्षेप पर विचार करने संबंधी ट्रंप के बयान से यह संघर्ष और व्यापक होने की आशंका भी पैदा हुई है।