ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई कौन हैं? वे अमेरिका और इसराइल जैसे देशों के खिलाफ इतने मुखर क्यों हैं? जानिए उनके जीवन, विचारधारा और पश्चिमी देशों के साथ उनके टकराव की पृष्ठभूमि।
क़ाजार राजवंश से पहले ईरान में आधुनिक लोकतंत्र नहीं था, लेकिन 1906 की संवैधानिक क्रांति ने संसद (मजलिस) और संविधान की शुरुआत की, जो सीमित लोकतंत्र का प्रतीक था।
ख़ामेनेई को बाद में अयातुल्लाह का दर्जा मिला, लेकिन उनकी नियुक्ति उनकी क्रांतिकारी वफादारी और खोमैनी की विरासत पर आधारित थी।
इसराइल के साथ मौजूदा संघर्ष उनकी स्थिति को और मजबूत कर सकता है, क्योंकि राष्ट्रवाद की लहर सत्ताधारियों को लाभ पहुंचाती है और मानवाधिकार जैसे सवालों को दबाना आसान हो जाता है।