क्या भारतीय मीडिया वास्तव में खबरें दिखा रहा है—या सिर्फ़ रेटिंग्स के लिए राष्ट्रीय तनाव को भड़का रहा है? वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा बता रहे हैं कि टीवी डिबेट्स अब युद्ध कक्ष जैसे क्यों लगने लगे हैं।