रैपिड ट्रेन में पीएम मोदी। इस ट्रेन का नाम है नमो भारत यानी पीएम के नाम पर ट्रेन का नाम है।
नयी रेल के नामकरण को लेकर राजनीतिक आपत्तियां आएँगी ये सबको पता था इसीलिए गोदी मीडिया के जरिये देश को ये बताया जा रहा है की ' नमो ' का अर्थ नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि कुछ और है। सफाई दी जा रही है कि ' नमो ' शब्द सनातन धर्म से लिया गया है । हिंदू धर्म में नमो का मतलब भगवान से होता है। जब भगवान को नमस्कार किया जाता है तब हम नमो शब्द का उपयोग करते हैं। इसका उपयोग वास्तव में सनातन धर्म के मंत्रों से संबंधित है।
इस रास्ते में 5 स्टेशन पड़ेंगे। ये नमो रेल बहुत कस-बल लगा ले तो भी 180 किमी प्रति घंटा से ज्यादा नहीं दौड़ सकती। ये रेल 130 किमी प्रति घण्टे के हिसाब से ही दौड़ सकती है। लेकिन दौड़ेगी नही। दौड़ेगी तो 100 किमी प्रति घंटे के हिसाब से ही। लेकिन आप इसे झुनझुना नहीं कह सकते। नयी रेल हर मामले में बेहतर है लेकिन इसमें आम जनता के लिए कोई कोच नहीं है । इस नई रेल में स्टेंडर्ड और प्रीमियम कोच हैं। इस रेल में चढ़ने के लिए कम से कम 40 रूपये चाहिए । भविष्य में ये रेल दिल्ली से मेरठ तक चलेगी और 55 मिनट में ये सफर पूरा करेगी जो आज ढाई घंटे लगता है। भारत के रेल मंत्री कहने को अश्विनी वैष्णव है लेकिन सबसे जायदा हरी झंडियां प्रधानमंत्री जी ने दिखाई हैं।