क्या संघ परिवार (RSS-BJP) के भीतर अब तक का सबसे बड़ा अंदरूनी घमासान छिड़ गया है? 'द डेली शो' की इस विशेष चर्चा में जानिए कि आखिर मोहन भागवत के बयान "भाषण देने और चुनाव जीतने से कुछ नहीं होता" के असली सियासी मायने क्या हैं?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























