योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य विवाद में अमित शाह की भूमिका क्या है? क्या यह सोची-समझी राजनीतिक चाल है या आंतरिक टकराव? देखिए आशुतोष की बात में विश्लेषण।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।














.jpg&w=3840&q=75)
.jpeg&w=3840&q=75)
.jpg&w=3840&q=75)








