योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य विवाद को 2027 के यूपी चुनाव से जोड़कर क्यों देखा जा रहा है? क्या वाकई कोई ‘एंटी-योगी’ साजिश चल रही है- देखिए आशुतोष की बात में पूरा राजनीतिक विश्लेषण।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है।

















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