असम के मंत्री केशब महंत की बेटी दिबिसा महंत नीट प्रोटेस्ट में शामिल हुईं। प्रधान के इस्तीफ़े की मांग वाले प्रदर्शन में मोदी विरोधी नारे भी लगे। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि बच्चों के कामों के लिए माता-पिता जिम्मेदार नहीं ठहराए जाने चाहिए।
असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा
नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर असम में हुए छात्र प्रदर्शन में बीजेपी सरकार के मंत्री की बेटी के शामिल होने पर बवाल मच गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार राज्य सरकार में मंत्री केशब महंत की बेटी दिबिसा महंत भी प्रदर्शन में शामिल हुईं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। जब इसको लेकर मंत्री केशब महंत को निशाना बनाया जाने लगा तो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा उनके बचाव में उतर आए और उन्होंने कहा कि किसी भी वयस्क बच्चे के विचारों और उसके कार्यों के लिए उसके माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनका अपना बेटा भी भविष्य में उनके विचारों से अलग राय रखे, तो लोगों को उस पर हैरान नहीं होना चाहिए।
दरअसल, गुवाहाटी के चाचल में प्रदर्शन स्थल पर गुरुवार को छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कथित नीट पेपर लीक मामले और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जताया। इसी प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि तस्वीरों और वीडियो में असम सरकार के मंत्री केशब महंत की बेटी दिबिसा महंत भी प्रदर्शन में दिखाई दीं। दिबिसा ने हाल ही में ब्रिटेन से स्नातकोत्तर में दो डिग्रियां पूरी की हैं।
मोदी सरकार के खिलाफ लगाए नारे
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिबिसा महंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाती और छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती दिखाई देती हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य वीडियो में उन्हें यह कहते सुना जा सकता है, 'जो हिंसा हुई, उससे मुझे बहुत दुख है। छात्र सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन उन पर लाठीचार्ज हुआ, आंसू गैस छोड़ी गई। फिर भी मैं उन सभी छात्रों पर गर्व करती हूं जिन्होंने बहादुरी दिखाई। उन्होंने मुझे भी यहां आने के लिए प्रेरित किया।'
हिमंता सरमा ने क्या कहा?
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से पत्रकारों ने सवाल किया। जवाब में सरमा ने कहा कि किसी वयस्क बच्चे के विचारों के लिए उसके माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं अपने बच्चों की हर बात के लिए कैसे जिम्मेदार हो सकता हूं? मेरा अपना भाई भी मेरी कई बातों से सहमत नहीं होता। मेरे बच्चे भी मेरी हर बात नहीं मानते।'
उन्होंने मोदी जी के खिलाफ बोला है, इससे मुझे दुख है। अगर कभी उनसे मुलाकात हुई तो मैं उनसे बात करूंगा। लेकिन इसके लिए उनके पिता को क्यों परेशान किया जाए? हिमंता बिस्वा सरमा
असम सीएम
'मेरा बेटा भी ऐसा करे तो हैरान मत होना'
रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'अगर कल मेरा बेटा भी कुछ ऐसा कह दे जिससे मैं सहमत न रहूं तो किसी को हैरान नहीं होना चाहिए। वह भविष्य में वकील बनेगा और संभव है कि उन लोगों का भी पक्ष रखे जिन्हें मैं पसंद नहीं करता।' उन्होंने कहा कि जब बच्चे बड़े होकर वयस्क हो जाते हैं तो उनके फ़ैसलों को माता-पिता से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
केशब महंत ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
असम सरकार में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और सामान्य प्रशासन मंत्री केशब महंत फिलहाल बाढ़ राहत कार्यों में व्यस्त हैं। उन्होंने अभी तक अपनी बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। महंत बीजेपी की क्षेत्रीय सहयोगी पार्टी 'असम गण परिषद' के नेता हैं और अभी राजस्व और आपदा प्रबंधन; विज्ञान, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन; तथा सामान्य प्रशासन मंत्री हैं।
प्रदर्शन के बाद कई लोगों की गिरफ्तारी
इस प्रदर्शन के बाद असम पुलिस ने कम से कम छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके खिलाफ भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं।
देशभर में नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन कई दिनों तक चला। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए। इसी बीच पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, उनके इस्तीफ़े के बाद कई छात्र संगठनों का कहना है कि उनकी मांग केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है।