भूमिहार-ब्राह्मण एकता मंच पर तेजस्वी यादव।
राजनीतिक विश्लेषक राजीव मिश्रा कहते हैं कि बिहार में चुनाव भले 2 साल के बाद होने है, लेकिन सभी राजनीतिक पार्टियां अपना समीकरण अभी से ही बनाने में जुट गई हैं। इस समीकरण को साधने के लिए अपने दल में शीर्ष पद पर सवर्ण को सेट करना शुरू कर दिया है। जेडीयू, आरजेडी, भाजपा, या फिर कांग्रेस इन चारों पार्टियों के शीर्ष पद पर किसी न किसी रूप में सवर्ण समाज के नेता शीर्ष पर हैं। इन सभी राजनीतिक दलों का टारगेट ऊंची जाति के वोटर हैं। पिछड़ों की राजनीति को बढ़ावा देकर स्थापित हुई यह पार्टियां अब सवर्ण वोटरों को रिझाने में लग गई है।