बिहार में प्रचंड जीत दर्ज कर चुकी बीजेपी इस बार भी 2015 की तरह डिजिटल प्रचार में सभी दलों को पीछे छोड़ चुकी है। लालू जेल में हैं लेकिन बीजेपी की राह इतनी आसान होगी क्या? देखना यह है कि बीजेपी का सियासी सफर इस बार कौन-सा मुकाम तय करता है।
झारखंड में बीजेपी को लाभ हुआ मगर बिहार में नुक़सान। बीजेपी के पास बिहार में 35 विधायक रह गए। उस समय जनता दल के 18 और समता पार्टी के 29 सदस्य थे। इन दोनों पार्टियों के विलय के बाद बनी पार्टी जदयू के 47 सदस्य बचे लिहाज़ा बीजेपी की जगह जदयू विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल बना।